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चिंताजनक: रामगंगा परियोजना से बिजली का उत्पादन हुआ कम, उत्तराखंड में संकट और गहराने की आशंका

Wed, 30 Mar 2022 02:42 PM IST
रेनू सकलानी न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

पिछले एक-दो दिन से रामगंगा से यूपीसीएल को मिलने वाली बिजली का आंकड़ा 126 मेगावाट से गिरकर 29 मेगावाट पर आ गया है। यूपीसीएल को रोजाना 10 से 11 मिलियन यूनिट तक बिजली खरीदनी पड़ रही है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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रामगंगा विद्युत परियोजना से बिजली का उत्पादन कम हो गया है। जिससे उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लि. (यूपीसीएल) प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है। इससे प्रदेश में बिजली संकट और गहराने की आशंका है। पहले जहां यूपीसीएल के पास रोजाना 3.1 करोड़ से 3.2 करोड़ यूनिट बिजली उपलब्ध हो रही थी, वहीं अब यह उपलब्धता गिरकर 90 लाख यूनिट पर आ गई है। जबकि मांग चार करोड़ यूनिट से अधिक हो रही है।

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रामगंगा विद्युत परियोजना से उत्तर प्रदेश के कई जिलों को सिंचाई के लिए पानी मिलता है। जब तक सिंचाई का काम चलता है, तब तक तो अच्छा बिजली उत्पादन होता है लेकिन जब यूपी से सिंचाई के लिए पानी कम कर दिया जाता है तो बिजली उत्पादन भी कम हो जाता है। पिछले एक-दो दिन से रामगंगा से यूपीसीएल को मिलने वाली बिजली का आंकड़ा 126 मेगावाट से गिरकर 29 मेगावाट पर आ गया है।

सीधे तौर पर करीब 20 लाख यूनिट का नुकसान हुआ है। यूपीसीएल के अधिकारियों के मुताबिक, गर्मी में रोजाना की डिमांड चार करोड़ यूनिट आ रही है। यूपीसीएल के पास केवल 2.9 करोड़ यूनिट ही उपलब्ध हो रही है। करीब 1.1 करोड़ यूनिट बिजली बाजार से खरीदनी पड़ रही है। 
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आज 15 से 30 मिनट की हो सकती है कटौती 

यूपीसीएल के एसई गौरव शर्मा के मुताबिक, पिछले तीन दिन से प्रदेश में कहीं भी किल्लत की वजह से बिजली कटौती नहीं हुई है। बुधवार को 15 से 30 मिनट के लिए कुछ जगहों पर बिजली की उपलब्धता कम है लेकिन यूपीसीएल प्रबंधन यहां भी रियल टाइम मार्केट से बिजली खरीदकर आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।

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