कोतवाल ओपी शर्मा ने बताया कि पुलिस जवान मोहित जोशी और हत्यारोपी पुलिस जवान गिरीश जोशी पुलिस लाइन में क्वार्टर में एक ही परिसर में रहते थे। 11 दिसंबर को आरोपी गिरीश जोशी अपने कमरे में किसी महिला के साथ मौजूद था। इसी दौरान किसी ने बाहर से कुंडी लगा दी थी।
कुंडी लगाने को लेकर गिरीश जोशी का शक मोहित पर था। इसके बाद से वह उससे रंजिश रखने लगा। उसने मोहित जोशी को सबक सिखाने की ठानी। वह उसे दो जनवरी को अपनी कार में बैठाकर चंडाक बांस रोड पर ले गया और मोहित के लघुशंका करने के दौरान उसे खाई में धकेल दिया। मामूली विवाद में एक पुलिस जवान के अपने साथी की इस तरह हत्या कर देने से सभी सन्न हैं।
पैतृक गांव भीमनगर में कोहराम
पिथौरागढ़ पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल मोहित जोशी की हत्या की खबर से उसके पैतृक गांव भीमनगर में शोक व्याप्त है। उसके परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
कुंडेश्वरी के ग्राम भीमनगर निवासी रामप्रसाद जोशी का बड़ा पुत्र मोहित जोशी उर्फ प्रवीन (36) बेहद मिलनसार व हंसमुख स्वभाव का था। 13 अप्रैल 2014 को उसका विवाह हल्द्वानी के खत्ताबंगर निवासी गिरीश चंद्र ब्रजवासी की पुत्री भारती से हुआ था।
उसके एक बेटा रौनक भी है जो पिथौरागढ़ में ही एक स्कूल में पढ़ता है। मोहित की पत्नी भारती ने बताया कि मोहित 2 जनवरी की सुबह 8 बजे पुलिस लाइन में उपस्थिति दर्ज कराने की बात कहकर अपने क्वार्टर से निकले थे। इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। जानकारी की तो पता चला कि मोहित पुलिस लाइन भी नहीं पहुंचा। इस पर भारती ने 3 जनवरी को पिथौरागढ़ कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
मोहित जोशी ने जीआईसी प्रतापपुर से इंटर करने के बाद रामनगर डिग्री कॉलेज से बीए किया था। 9 अप्रैल 2006 को उसकी नियुक्ति उत्तराखंड पुलिस में कांस्टेबल के पद पर हुई थी। वह जनपद नैनीताल और बागेश्वर में तैनात रहा। पिछले 3 वर्ष से उसकी तैनाती पिथौरागढ़ में थी। वह पूर्व विधायक रणजीत रावत की सुरक्षा में भी तैनात रह चुका है। अभावों में जीवन व्यतीत कर रहे मोहित के परिजनों को उसकी नियुक्ति से कुछ आस बंधी थी। उसने गांव में ही करीब दो हजार स्क्वायर फुट में मकान बनाया था। दादा भज्जीराम जोशी के निधन के बाद बंटवारे में पिता रामप्रसाद के हिस्से में एक एकड़ जमीन आई थी। रामप्रसाद ने जानवरों का दूध बेचकर अपने दोनो बेटों को पढ़ाया। छोटा भाई राजीव यहीं प्रापर्टी का काम करता है। मोहित की हत्या की खबर से उसकी मां लीला व अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
आरोपी गिरीश की मोहित और सहकर्मियों से हुई थी हाथापाई
बताया जाता है कि 13 दिसंबर को आरोपी कांस्टेबल का अपनी पत्नी और मां के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। वह उनके साथ मारपीट कर रहा था। मोहित और उसके सहकर्मियो ने बीच बचाव कराया। इस दौरान उनके बीच हाथापाई भी हुई थी। इसी रंजिश में मोहित की हत्या किए जाने की बात सामने आई है।