कनाडा में नौकरी दिलाने के नाम पर देहरादून, बिजनौर और चंडीगढ़ के युवाओं से एक करोड़ की ठगी करने के मामले में फरार चल रहे करण कुमार अग्रवाल को ज्वालापुर पुलिस ने उसके पुत्र सन्नी अग्रवाल के साथ गिरफ्तार कर लिया।
दोनों के कब्जे से साढ़े 11 लाख रुपये और पासपोर्ट आदि बरामद किए गए हैं। ठग की पत्नी और पुत्री की तलाश की जा रही है। एसएसपी राजीव स्वरूप ने शुक्रवार को ज्वालापुर कोतवाली में प्रेस को बताया कि 19 सितंबर को कनाडा में नौकरी का झांसा देकर बेरोजगार युवकों को ठगने की शिकायत मिली थी।
पंजाब में छिपा बैठा था
जांच में सामने आया कि निकुंज विहार आर्य नगर कालोनी निवासी करण कुमार अग्रवाल 17 सितंबर को ही अपने परिवार के साथ फरार हो गया है। आरोपियों को पकड़ने के लिए एसएसआई अनुज सिंह और एसआई गणेश मनोला के नेतृत्व में दो टीमों का गठन किया गया था।
कॉल डिटेल से पता लगा कि आरोपी पंजाब में हो सकता है। पीड़ित छात्रों के साथ दो टीमें लगातार पंजाब में ऑपरेशन चलाए हुए थीं।
दोनों यहां अपने परिवार के साथ किराए पर रह रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11.5 लाख रुपये, एटीएम कार्ड, नेपाली पासपोर्ट, मोबाइल सिम, लैपटॉप आदि बरामद किया है। पुलिस आरोपियों को जल्द ही रिमांड पर लेकर नेटवर्क से जुड़े दूसरे सदस्यों के बारे में पूछताछ करेगी।
डिनर करने मायके जा रही हूं
ठगी के षड्यंत्र में अग्रवाल परिवार एक राय था। 17 सितंबर की शाम को करण कुमार अग्रवाल की पुत्री कोमल ने अपने पति पुनीत अग्रवाल निवासी शिवपुरी कनखल को आर्यनगर स्थित अपने मायके डिनर पर जाने की बात कही थी। उसने पति को कहा था कि वे रात को उनको लेने पहुंचे।
इसके बावजूद जब पति रात को वहां पहुंचा तो उसकी पत्नी माता-पिता समेत फरार हो चुकी थी। पुनीत तभी से इस मामले को लेकर सदमे में हैं।
कनाडा भेजने से दो दिन पहले खुद भागा
आरोपी करण कुमार अग्रवाल ने युवकों को 19 सितम्बर को दिल्ली जाने के लिए कहा था लेकिन, 17 सितंबर को ही उसने अपने फोन बंद कर दिए। अगले दिन बंजारावाला देहरादून से सुरेंद्र पाल सिंह, महताब, इमरान खान, उस्मान आदि उसके घर हरिद्वार पहुंचे, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद कुछ लोग 19 सितंबर को दिल्ली गए, लेकिन वहां कोई नहीं मिला।