राजधानी देहरादून में डेंगू के मरीजों की हालत और खराब होती जा रही है।
फेफड़ों पर भी डाल रहा असर
डेंगू मरीजों के गुर्दे और लीवर प्रभावित करने के साथ अब फेफड़ों पर भी असर डाल रहा है। आधा दर्जन मरीजों की हालत गंभीर है, उन्हें इंटेंसिव केयर में रखा गया है। फेफड़ों में पानी भरने के कारण कई मरीज एक्यूट रेस्पेरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम की स्थिति में जा रहे हैं।
डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। अस्पतालों में हर रोज नए मरीज आ रहे हैं। डेंगू के अधिकांश मरीज हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों से आ रहे हैं। शहर में भी मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
मंगलवार को दून अस्पताल, इंद्रेश अस्पताल और दूसरे नर्सिंगहोमों में डेंगू के 28 मरीज भरती हुए हैं। कई मरीजों की स्थिति बिगड़ रही है। महंत इंद्रेश अस्पताल में डेंगू के चौदह नए मरीज भरती किए गए। इनमें चार मरीज देहरादून के हैं।
एक मरीज हिमाचल का
इंदररोड डालनवाला के कामरान, चौधरी नर्सरी की अनामिका सुमनपुरी, क्लेमनटाउन के मोहशरफ, प्रीत विहार की अवि डेंगू की चपेट में आई हैं। अन्य मरीज सहारनपुर, हरिद्वार, बिजनौर के हैं। एक मरीज हिमाचल प्रदेश का है।
सीएमआई में डेंगू के दस मरीज भरती हुए हैं। सारे मरीज हरिद्वार के हैं। दून अस्पताल में डेंगू के चार नए मरीज भरती हुए हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू के संक्रमण के असर से गुर्दों, लीवर और फेफड़ों पर असर आ जाता है। मरीज के फेफड़ों पर माड़ा छाने लगता है। इससे फेफड़ों के एयर चैंबर में पानी भर जाता है।
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