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'पशुपति नाथ मंदिर के दर्शन न करें नरेंद्र मोदी'

Sun, 03 Aug 2014 09:21 PM IST
मनमीत रावत/ अमर उजाला, देहरादून
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सर्व देशीय आर्य प्रतिनिधि सभा के निवर्तमान अध्यक्ष और संरक्षक स्वामी अग्निवेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि वह नेपाल यात्रा के दौरान पशुपति नाथ मंदिर न जाएं।
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कहा पशुपति नाथ मंदिर में अब भी पशुबलि दी जाती है। ऐसे में वहां के दर्शन कर मोदी गलत संदेश देंगे और अंधविश्वास को बढ़ावा मिलेगा।

स्वामी ने कहा कि आज की पीढ़ी को अंधविश्वास न देकर प्रगतिशील बनाएं। इसमें ही नई पीढ़ी का भला होगा और साथ में देश का भी।

अमरनाथ और कांवड़ यात्रा पर लगना चाहिए प्रतिबंध

इसके साथ ही स्वामी अग्निवेश का कहना है कि अमरनाथ और कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। स्वामी ने कहा कि दोनों ही यात्राएं अंधविश्वास पर आधारित हैं।

एक यात्रा में बाबा बर्फानी की पूजा का अंधविश्वास है, जबकि दूसरी यात्रा में हुड़दंगी भगवान शिव को बदनाम कर रहे हैं। कहा कि आपदा के जख्मों से कराह रहे उत्तराखंड के चार धामों में इस साल यात्रा नहीं शुरू करनी चाहिए थी।

शनिवार को यहां स्वामी अग्निवेश देहरादून में थे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से कहा कि अमरनाथ यात्रा में जिस बाबा बर्फानी की पूजा करने हर साल लाखों लोग जाते हैं, वह कोई भगवान नहीं, बल्कि ‘स्टेलामाइट’ है।

यह एक तरह का हिमखंड होता है, जिसमें ऊपर से पानी की बूंदें गिरती हैं। यूरोप के एल्प पहाड़ियों में ऐसे सैकड़ों स्टेलामाइट हैं। भारत में अमरनाथ में जो स्टेलामाइट है, उसको सरकार ने अंधविश्वास का गढ़ बना दिया है।

'पिता और गुरु की सेवा ही धार्मिक यात्रा है'

स्वामी ने कहा कि ऐसा ही अंधविश्वास अजमेर शरीफ में भी है। यहां पर भी लोग दूर-दूर से आते हैं। अग्निवेश ने कहा यात्रा ऐसी नहीं होती।

महर्षि दयानंद ने कहा है कि पिता और गुरु की सेवा ही धार्मिक यात्रा है। स्वामी ने कहा कि लाखों कांवड़ यात्री भगवान शिव को बदनाम कर रहे हैं।

हजारों कांवड़िये शराब और चरस के नशे में धुत होकर यात्रा करने आते हैं। रास्ते में किसी भी आम आदमी से उनका थोड़ा सा विवाद हो जाए तो तोड़फोड़ और उपद्रव शुरू हो जाता है। यह कैसी धार्मिक यात्रा है?

स्वामी ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए केंद्र सरकार मुसलिमों को हज यात्रा में प्रत्येक साल 651 करोड़ रुपए की सब्सिडी देती है।

यह रुपया देश के आम आदमी का है। कोई भी धार्मिक यात्रा किसी दूसरे के पैसे से नहीं होती। इसलिए हज यात्रा की सब्सिडी तुरंत बंद की जानी चाहिए।

शंकराचार्य की लड़ाई दुकानदारी की...

स्वामी अग्निवेश ने कहा कि शंकराचार्य स्वरूपानंद और साईं महाराज के अनुयायियों के बीच ‘दुकानदारी’ की लड़ाई है।

स्वामी ने कहा कि शंकराचार्य स्वरूपानंद महाराज को इस बात का दुख है कि साईं के अनुयायियों का टर्नओवर उनकी दुकानों से ज्यादा कैसे हो गया?

स्वामी अग्निवेश ने कहा कि शंकराचार्य स्वरूपानंद तर्क दे रहे हैं कि हिंदू केवल उन मंदिरों में पूजा करें जहां की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई है।

कहा कि जब मैंने शंकराचार्य से पूछा कि वह हिंदुओं को बताएं कि कौन से मंदिर की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हुई है। अगर प्राण प्रतिष्ठा हुई है तो वह मूर्ति हिल क्यों नहीं रही है? शास्त्रों के अनुसार प्राण प्रतिष्ठा के बाद मूर्ति में जीवन होता है।
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शंकराचार्य के खिलाफ पटियाला कोर्ट में केस दर्ज

स्वामी ने कहा कि मेरे इस सवाल पर शंकराचार्य ने मुझसे फोन पर संपर्क किया और उनके खिलाफ बयान नहीं देने के लिए कहा।

जब मैंने उनसे कहा कि आप गलत कर रहे हो तो उन्होंने कहा कि तुम आतंकवादी हो।

इस पर मैंने शंकराचार्य से माफी मांगने के लिए कहा। लेकिन जब उन्होंने माफी नहीं मांगी तो मैंने उनके खिलाफ दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज करा दिया।

इस मामले में पांच सितंबर को कोर्ट ने शंकराचार्य को तलब किया है।

(नोटः इस खबर से संबंधित किसी भी सुझाव या सवाल के लिए मेल आईडी-manmeetr@ddn.amarujala.com और इस नंबर- 8392946711 पर संपर्क कर सकते हैं।)
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