शनिवार रात जोरदार बारिश से पागलनाला, पाताल गंगा और लामबगड़ में रविवार तड़के तीन बजे से बंद बदरीनाथ हाईवे दोपहर ढाई बजे खुल गया। फिलहाल छोटे वाहनों को आगे जाने की अनुमति दी गई है।
इसके साथ ही जोशीमठ में औली नाले में पानी बढ़ने देर रात सुनील गांव में अफरा-तफरी का माहौल रहा। अभी जोशीमठ में बारिश थमी हुई है।
चमोली और उत्तरकाशी जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश बदरीनाथ व गंगोत्री हाईवे के लिए मुसीबत बनी हुई है। शनिवार को बदरीनाथ हाईवे नौ घंटे बंद रहा था। रास्ते में फंसे यात्रियों को वाहनों में लगभग पूरा दिन गुजारना पड़ा।
पीपलकोटी से करीब एक किमी की दूरी पर चट्टान का एक हिस्सा टूटकर हाईवे पर आ गया, जिससे यहां हाईवे का करीब दस मीटर पुश्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया।
यहां बीआरओ के मजदूरों ने डोजर और जेसीबी की मदद से हिल कटिंग कर वाहनों की आवाजाही के लायक सड़क बनाई थी। बीआरओ के मजदूर दिनभर मलबे को हटाने में लगे थे।
बदरीनाथ हाईवे के सुचारु होने से बदरीनाथ धाम से करीब 80, हेमकुंड साहिब से आ रहे करीब 35 तीर्थयात्री अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए जबकि 78 तीर्थयात्री बदरीनाथ और करीब 70 तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हुए थे।
चार दिनों से बंद पड़ा गंगोत्री हाईवे
उत्तरकाशी। गंगनानी भूस्खलन गंगोत्री हाईवे के लिए नासूर बनता जा रहा है। पिछले चार दिनों से यहां पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर आने के कारण यातायात ठप पड़ा है।
लोगों को हुर्री गांव होते हुए तीन किमी खड़ी चढ़ाई वाली दूरी तय कर गंतव्य की ओर जाना पड़ रहा है। भूस्खलन का दायरा फैलने से हुर्री गांव और गंगनानी गर्म कुंड पर भी खतरा मंडराने लगा है। बीते एक हफ्ते में गंगनानी में महज कुछ घंटों ही यातायात चालू रह पाया।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस सीजन में गंगनानी भूस्खलन ने सबसे ज्यादा परेशान किया है। पहाड़ी के काफी ऊपर से सक्रिय इस भूस्खलन से निबटने के लिए भूवैज्ञानिकों से सर्वे कराया जाना जरूरी है। काम करते हुए रोजाना मशीनों के ऊपर बोल्डर गिरने से जान का खतरा बना हुआ है। फिर भी बीआरओ के जवान यातायात बहाली के प्रयास में जुटे हैं।
-कर्नल नीरव टुली, कमान अधिकारी बीआरओ।
भगवान बदरीनाथ की उत्सव यात्रा निकाली
गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम में शनिवार को नर-नारायण जयंती के मौके पर माणा गांव से बदरीनाथ धाम तक भगवान बदरीनाथ की उत्सव यात्रा निकाली गई। इस दौरान कई तीर्थयात्रियों, वेदपाठियों के साथ ही माणा और बामणी के ग्रामीणों ने भाग लिया।
इससे पूर्व सुबह 11 बजे बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने माणा गांव में स्थित लालढुंगी स्थान में भगवान नर-नारायण की विग्रह प्रतिमा का अभिषेक पूजन संपन्न किया। वेदपाठी सत्य प्रकाश चमोला के नेतृत्व में तीर्थयात्रियों और स्थानीय ग्रामीणों ने कीर्तन-भजन का आयोजन किया।
72 यात्री केदारनाथ रवाना
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में पल-पल बदल रहे मौसम के बीच श्रद्धालु भोले बाबा का जलाभिषेक करने पहुंच रहे हैं। शनिवार को 72 श्रद्धालुओं ने सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान किया।
डीएम डॉ. राघव लंगर ने बताया कि यात्रा रोकी नहीं गई है। 28 और 29 जुलाई को मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट के चलते यात्रा स्थगित की गई थी।
इस वजह से यात्रियों को सोनप्रयाग से आगे केदारनाथ के लिए नहीं जाने दिया गया। पैदल मार्ग पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ यात्रियों को एस्कार्ट कर रहे हैं।