बकौल भट्ट, पीएम आते हैं तो राज्य को कोई न कोई सौगात अवश्य देते हैं, लेकिन सियासी जानकारों का मानना है कि पीएम के दौरे के निहितार्थ सिर्फ राज्य के विकास या सौगात से ही नहीं जुड़े हैं। जानकार इसे लोकसभा चुनाव की तैयारी से भी जोड़ देख रहे हैं। उनकी राय में मोदी का राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे पर खास फोकस है।
इसे हिंदुओं की आस्था के बड़े केंद्र बदरीनाथ-केदारधाम की कायाकल्प योजना, तीर्थनगरी हरिद्वार, योगनगरी ऋषिकेश के पुनर्निर्माण की योजनाओं से समझा जा सकता है। इन पर केंद्र और राज्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
अब अगला कदम मानसखंड कॉरिडोर की ओर है। ज्योलिकांग में जाकर पवित्र आदि कैलाश दर्शन व मायावती आश्रम में ध्यान और रात्रि विश्राम से पीएम मोदी तीर्थांटन की एक नई खिड़की खोलेंगे। साथ ही पिथौरागढ़ की जनसभा के जरिये भाजपा की चुनावी राह को सहज बनाने की कोशिश भी करेंगे। ऐसी सूरत में भाजपा को लगता है कि उसके परिश्रम में पीएम का जादू फिर मददगार साबित होगा।