वहीं, कांग्रेस ने भी पीएम मोदी के बार-बार केदारनाथ पहुंचकर पूजा अर्चना करने को राजनीतिकरण बताते हुए प्रदेशभर के शिवालयों में बाबा केदारनाथ का स्वरूप मानते हुए जलाभिषेक कार्यक्रम रखे।
भगवान शिव के ससुराल कनखल में दक्षेश्वर महादेव मंदिर में पूर्व सीएम हरीश रावत समेत अन्य कांग्रेसियों ने शिवालय में जलाभिषेक किया। जिसमें पीएम मोदी को कांग्रेस ने एक अनूठे राजनीतिक तरीके से बड़ा संदेश देने का काम किया। वहीं, भाजपा ने धर्मनगरी के प्रमुख मनसा देवी मंदिर, मां चंडी देवी मंदिर, हरकी पैड़ी और दक्षेश्वर मंदिर में मोदी के केदारनाथ प्रसारण को लाइव सुनाने के लिए मजमा लगा दिया।
हालांकि, भाजपाइयों ने लाइव प्रसारण के समय और बाद में कोई राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं दी। बस भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह चौहान ने इतना कहा कि जो व्यक्ति जुमे की नमाज के लिए छुट्टी की घोषणा और सड़कों पर नमाज पढ़वा सकता है। उसे भोले बाबा सद्बुद्धि दें तो अच्छा होगा। ऐसी नौटंकी और ड्रामा तो कोई भी कर ले। शिवालयों में जलाभिषेक केवल रानीतिक मकसद था। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने पूरे संबोधन में एक भी शब्द राजनीति पर नहीं बोला, वह केवल आध्यात्म पर बोले और उत्तराखंड के विकास की बात की।