प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में बाबा केदार का प्रमुखता जिक्र तो किया, लेकिन इस बार वह बाबा के धाम दर्शन को नहीं गए। उनका दौरा तय होने के बाद यह चर्चाएं गर्म थी कि पीएम केदारनाथ जाएंगे। उनके उत्तराखंड आने से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ जाकर वहां चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का अचानक मुआयना किया तो पीएम के वहां जाने की चर्चाओं ने और अधिक जोर पकड़ा।
बृहस्पतिवार को पीएम हवाई मार्ग से ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान निर्धारित समय पर पहुंचे। उनके मिनट टू मिनट कार्यक्रम में सिर्फ ऋषिकेश का कार्यक्रम ही शामिल था। उनके दौरे से पूर्व यह उम्मदी जताई जा रही थी कि 35 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट की सौगात देने के साथ वह उत्तराखंड के लिए कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं।
इसकी एक प्रमुख वजह अगले कुछ महीनों बाद उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव माने जा रहे थे। चर्चा थी कि पीएम राज्य के लिए कुछ घोषणाएं करके भाजपा के लिए चुनावी माहौल की रंगत बदल सकते हैं। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में उत्तराखंड से अपने लगाव, उसके महत्व और भावी विकास की संभावनाओं का जिक्र तो किया, लेकिन उनके पिटारे से कोई राज्य के लिए कोई घोषणा नहीं की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंच सेना से जुड़ी कड़ियों से सजा था। इसे संयोग मानें या रणनीति सैन्य बहुल राज्य में पीएम के मंच को सैन्य अफसर रहे राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट और फौजी पिता के बेटे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंच साझा किया। सैन्य बहुल राज्य में प्रधानमंत्री आएं और सैनिकों और पूर्व सैनिकों का जिक्र न हो, ऐसा हो नहीं सकता। इस बार भी प्रधानमंत्री ने सैनिकों के हितों को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार हर फौजी, हर पूर्व फौजी के हितों को लेकर पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
प्रधानमंत्री ने जहां मुख्यमंत्री को एक फौजी का बेटा कहकर पुकारा तो वहीं मुख्यमंत्री ने भी यह कहकर पीएम के सेना के प्रति जुड़ाव को बताया कि वह हर दिवाली सैनिकों के साथ मनाते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये हमारी सरकार ही है जिसने वन रैंक वन पेंशन को लागू करके अपने फौजी भाईयों की 40 साल पुरानी मांग पूरी की। उत्तराखंड की देश की सुरक्षा में बड़ी भूमिका रही है। यहां के नौजवान, भारतीय सुरक्षा बलों की आन बान व शान हैं।
सैनिकों व पूर्व सैनिकों पर भाजपा का फोकस
केंद्र और राज्य सत्तारुढ़ भाजपा ने सैनिकों व पूर्व सैनिकों पर हमेशा फोकस किया है। चुनाव में सेना व अर्द्ध सैनिक बलों से जुड़े परिवारों के वोटरों को अपना पारंपरिक वोट बैंक मानती है।
केदारनाथ और चारधाम परियोजना का किया जिक्र
प्रधानमंत्री बेशक केदारनाथ नहीं गए, लेकिन केदारनाथ बाबा का जिक्र करना नहीं भूले। उन्होंने कहा कि केदारधाम में सुविधा बढ़ाई जा रही है। चारधाम परियोजना देश दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए आसान बनाने के साथ ही कुमाऊं और गढ़वाल को जोड़ रही है।
कनेक्टिविटी पर हमने काम किया
कनेक्टिविटी के क्षेत्र में काफी काम हुआ है। चारधाम ऑलवेदर रोड़, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, उड़ान में हवाई सेवाएं आदि से उत्तराखंड की जनता को काफी लाभ मिलने वाला है। कहा कि अटल जी ने उत्तराखंड राज्य के निर्माण का सपना पूरा किया। उन्हीं की प्रेरणा से देश में कनेक्टिविटी के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अभूतपूर्व स्पीड और स्केल पर काम हो रहा है।
7.10 लाख घरों में नल से जल पहुंच रहा है
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2019 में जलजीवन मिशन शुरू होने से पहले उत्तराखंड के सिर्फ एक लाख 30 हजार घरों में ही नल से जल पहुंचता था। आज उत्तराखंड के 7 लाख 10 हजार से ज्यादा घरों में नल से जल पहुंचने लगा है।