फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने के मामले में योगगुरु रामदेव के दाहिने हाथ माने जाने वाले पतंजलि योगपीठ महामंत्री आचार्य बालकृष्ण को करारा झटका लगा है।
कालबाधित बताते हुए याचिका खारिज
बालकृष्ण की ओर से सीबीआई विशेष अदालत में मामला कालबाधित बताते हुए खत्म करने की याचिका खारिज कर दी गई है।
सीबीआई की विशेष अदालत में बालकृष्ण और संस्कृत महाविद्यालय प्राचार्य नरेश द्विवेदी के खिलाफ मामला चल रहा है। बालकृष्ण की ओर से अदालत में याचिका दी गई थी कि मामला 1998 का है।
जिन आधार पर आरोप है, ऐसे मामलों में तीन साल के भीतर में संज्ञान ले लेना चाहिए था, लेकिन अब तक संज्ञान नहीं लिया जा सका है। प्रकरण कालबाधित हो चुका है, ऐसे में उन्हें आरोप मुक्त किया जाए।
सीबीआई की ओर से कहा गया कि एजेंसी को मामला वर्ष 2012 में मिला है। अभी प्रकरण को तीन साल नहीं हुए। इस पर अदालत ने बालकृष्ण की याचिका खारिज कर दी। अगली सुनवाई 21 नवंबर को होगी।