79 दिन तक चले धरने को विभिन्न संगठनों का समर्थन मिला। इस बीच दो अप्रवासी भारतीयों के साथ भी आश्रम में बदसलूकी हुई, जिसके बाद उन्होंने आश्रम में रह रही नाबालिग विदेशी लड़कियों व उनकी संदिग्ध गतिविधि के बारे में पुलिस को सूचना दी। जिस पर पुलिस ने छापा मारा और आश्रम से नौ विदेशी लड़कियां मिली थी। जिनमें से चार यूक्रेन व चार रूस की थी। लेकिन, आश्रम ने उनके आने की कोई सूचना स्थानीय पुलिस को नहीं दी थी। पत्रकारों के धरने से शुरू हुई मुहिम के बाद 23 दिसंबर 2011 को पायलट बाबा आश्रम का अवैध अतिक्रमण ढहाया गया था।
फिर दोबारा नहीं लौटे पायलट बाबा
आश्रम का अवैध अतिक्रमण ढहाने के बाद पायलट बाबा फिर दोबारा कभी उत्तरकाशी नहीं आए। जबकि उससे पूर्व तक उनका यहां नियमित रूप से आना-जाना लगा रहता था। उन्होंने एक बार यहां अभिनेत्री हेमा मालिनी का शास्त्रीय नृत्य का कार्यक्रम भी आयोजित करवाया था, जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी थी।