फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बदरीधाम: तीर्थयात्रियों ने मोड़ा मुंह, सिमटी यात्रा

Tue, 02 Sep 2014 09:17 PM IST
प्रमोद सेमवाल/अमर उजाला, बदरीनाथ
विज्ञापन
विज्ञापन
चार धामों में सर्वश्रेष्ठ बदरीनाथ धाम की यात्रा अब सिमटती जा रही है। इन दिनों 40 से 50 तीर्थयात्री ही पहुंच रहे हैं। धाम में वीआईपी गेट, सिंह द्वार और रावल गेट आम श्रद्धालुओं के लिए खुले हुए हैं।
विज्ञापन


बदरीनाथ में तड़के से आठ बजे तक अभिषेक पूजा, सुबह ग्यारह बजे बाल भोग और शाम सात बजे शयन आरती हो रही है तो तीर्थयात्रियों के पहुंचने पर दोपहर में भी पूजा कराई जा रही हैं।

धाम में पहुंचे दिल्ली के तीर्थयात्री मनोज शर्मा और सुवर्द्धन ने बताया कि मां जानकी शर्मा को लेकर बदरीनाथ की तीर्थयात्रा पर आए हैं। गुजरात के दिनकर भाई और कमला बैन ने कहा कि एक दशक पहले बदरीनाथ की तीर्थयात्रा पर आने का संकल्प लिया था। यहां पहुंचकर शांति मिल रही है।
विज्ञापन


बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी ने बताया कि तीर्थयात्री धाम पहुंच कर लौट रहे हैं। बीते वर्ष की जलप्रलय का तीर्थयात्रा पर गहरा असर पड़ा है। उम्मीद है कि आगामी वर्ष तीर्थयात्रा दोबारा पटरी पर लौट आएगी।
विज्ञापन

हाईवे दुरुस्त करने को लेकर आंदोलन जारी

बदरीनाथ हाईवे को लामबगड़ से बैनाकुली तक दुरुस्त करने के लिए धाम में व्यापारियों, साधु-संतों और स्थानीय लोगों (माणा और बामणी गांव के ग्रामीण) का 28 अगस्त से धरना-प्रदर्शन जारी है। मंगलवार को धाम के तीर्थ पुरोहित भी धरने पर बैठे।

आंदोलन स्थल पर हुई सभा में आपदा संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ. जमुना प्रसाद रैवानी ने कहा कि हाईवे का स्थायी समाधान शीघ्र नहीं निकाला गया तो आंदोलन तेज कर दिया जाएगा। रैवानी और विकास जुगरान का कहना है कि दो सालों में बदरीनाथ हाईवे की स्थिति जानलेवा बनी है। हाईवे के भूस्खलन क्षेत्रों का ट्रीटमेंट नहीं किया जा रहा है। राज्य और केंद्र सरकारें मूक दर्शक बनी हैं, जिससे तीर्थयात्री धाम तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

धरना देने वालों में तीर्थ पुरोहित केशव डिमरी, सुभाष डिमरी, प्रेम डिमरी, अन्नु, विपिन, डॉ. विनोद हटवाल, दिनेश हटवाल, वीरेंद्र, संजय, प्रमोद और अनसूया प्रसाद डिमरी आदि शामिल थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें