विकासनगर में शीशमबाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनजमेंट प्लांट के आसपास रहने वाले लोग प्लांट से उठने वाली दुर्गंध से इतने आजीज आ चुके हैं कि अब उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की मांग की है। नायब तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में 500 से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हैं।
लोगों ने ज्ञापन में कहा कि प्लांट के आसपास बसे लोगों ने कहा है कि प्लांट के उद्घाटन के समय मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों ने लोगों को आश्वासन दिया था कि यह कूड़ा निस्तारण केंद्र पूरी तरह से मानकों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
इससे लोगों को कोई खतरा नहीं होगा, लेकिन प्लांट शुरू होने के कुछ दिन बाद ही प्लांट से दुर्गंध आना शुरू हो गई। जिस कारण लोगों का घरों में रहना तक मुश्किल हो गया है। आसपास के हवा और जल भी प्रदूषित हो चुका है। प्लांट के ठीक बगल से आसन नदी गुजरती है। ऐसे में प्लांट से रिसने वाला पानी आसन नदी में घुलकर उसे भी दूषित कर रहा है।
इसी आसन नदी पर आगे देश के पहले वैटलेंड कंजरवेशन रिजर्व की स्थापना की गई है। वायु प्रदूषण के कारण लोग सांस संबंधित बीमारी के शिकार हो रहे हैं। लोगों के कई बार आंदोलन और प्रदर्शन करने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
कहा कि लोग दुर्गंध में नहीं रह सकते और न ही उनके पास रहने के लिए अन्यत्र हैं। ऐसे में उन्हें इच्छा मृत्यु का अधिकार दिया जाए। पत्र भेजने वालों में दीपा जोशी, शिवानी, नीति, अनन्या पंवार, अनुष्का, उमा देवी पंवार, मगन सिंह रावत, स्मृति, बिनिता, संदीप सिंह रावत, विनोद सिंह रावत, सुरेंद्र त्रिवेदी, आकंक्षा त्रिवेदी, सोनाक्षी रावत, मुन्नी देवी, सकना, भवानी देवी, सरिता देवी, विनोद सिंह, मुकेश सिंह, सूरज सिंह, संतोषी, आशा देवी, शीतला, सागर, विवेकानंद, वंदना गुप्ता, निशांत अग्रवाल, प्रशांत, अक्षय, मनोहर, जय कुमार, दर्शन, सुरेश, कविता, संजय, माया, रोबिन, बबली देवी, विरेंद्र, जुगता देवी, रश्मि उनियाल आदि शामिल रहे।