फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

श्राद्घ में खाने के चक्कर से पंडित जी 'नदारद'

Thu, 19 Sep 2013 10:41 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
आज से श्राद्ध पक्ष शुरू हो रहा है। ये ऐसा समय है जबकि लोग अपने पितृ का श्राद्ध कर किसी ब्राह्मण को भोज कराना चाहते हैं।
विज्ञापन


इसके पीछे वजह भी है माना जाता है कि यदि ऐसे भोजन को ब्राह्मण ग्रहण करते हैं तो वह सीधे पितृ को लगता है। लेकिन इन दिनों ब्राह्मण ही श्राद्ध में भोज से बच रहे हैं।

पढ़ें, ...यहां पिंडदान से धुलेंगे 21 जन्मों के पाप

बढ़ रही बीमारियां
इसकी वजह है आए दिन बढ़ रही बीमारियां। शुगर या वजन बढ़ने जैसी दिक्कतों की वजह से ब्राह्मण अपने जजमानों को साफ तौर पर खाने के लिए मना कर देते हैं।

आखिरकार जजमानों को भोजन या तो आसपास के मंदिरों में दिया जाता है या फिर गरीबों को।

पढ़ें, केदारनाथः मिल गया भोले का नाग...

ये भी किया जा सकता है उपाय
आचार्य सुशांत राज बताते हैं कि यदि कोई ब्राह्मण भोज नहीं करता है तो ऐसे में बेटी के पुत्र को भोजन कराया जा सकता है। इससे भी पितृ प्रसन्न होते हैं। क्योंकि वो दूसरे गोत्र का होता है और उसे दक्षिणा दी जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इनकी भी सुनिए
आचार्य भरत राम तिवारी का कहना है कि एक तो पहले ही ब्राह्मणों का अभाव हो गया है। उस पर भी हमारे कई साथी ऐसे हैं जो श्राद्ध के भोज से परहेज करते हैं। वजह बीमारी ही है। ऐसे में लोग मंदिरों में ही भोजन पहुंचाते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें