हरिद्वार में बिजली का गलत बिल भेजने पर उपभोक्ता फोरम ने ऊर्जा निगम पर छह लाख का हर्जाना ठोका है। हर्जाने की धनराशि से एक लाख रुपये पीड़ित को और पांच लाख रुपये फोरम में जमा करने का निर्देश दिया गया है।
भीमगोड़ा निवासी अर्जुन सिंह ने उपभोक्ता फोरम में वाद दर्ज कराया था, जिसमें बताया गया कि उसका बिजली बिल कभी सात सौ रुपये से अधिक नहीं आता था, लेकिन दो साल पहले अगस्त से अक्टूबर तक उसे 55909 रुपये का बिल भेज दिया गया।
सात सौ का बिल पहुंचा 70 हजार पार
इसके बाद अगले महीने फिर बढ़ा हुआ 79560 रुपये का बिल आने पर पीड़ित ने विभाग से शिकायत की। इसके बावजूद अगली बार 81791 रुपये का बिल भेज दिया गया। आखिरकार पीड़ित को न्याय के लिए उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
इसके बाद फोरम ने विद्युत विभाग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। इस पर निगम की ओर से कनेक्शन शिकायतकर्ता के नाम से नहीं होने का हवाला देते हुए वाद निरस्त करने की मांग की गई।
सेवा में कमी का पाया दोषी
फोरम अध्यक्ष आरपी पांडेय और सदस्य प्रदीप पॉलीवाल ने मामले की सुनवाई करते हुए विद्युत विभाग को सेवा में कमी का दोषी करार दिया।
साथ ही उपभोक्ता का बिल औसत के आधार पर संशोधित करने और उसे एक लाख रुपये का हर्जाना देने के निर्देश दिए। इसके अलावा पांच लाख रुपये फोरम में जमा करने के निर्देश दिए गए।
वहीं फोरम ने उपभोक्ता को 15 दिन के भीतर कनेक्शन अपने नाम करने के लिए विभाग में प्रार्थना पत्र देने को कहा है।