राजधानी के दून अस्पताल में ऑक्सीजन न मिलने पर एक मरीज की जान चली गई। गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
पैर में फ्रैक्चर था
अस्पताल में भर्ती दूसरे मरीज और तीमारदार भी भड़क गए। अस्पताल में जमकर नारेबाजी की गई। टिहरी के प्रतापनगर ब्लाक के ओखला गांव निवासी मुरारी लाल (42) कुछ दिन पूर्व घर में गिर गए थे। पैर में फ्रैक्चर हुआ था। 27 जून को टिहरी अस्पताल से उन्हें दून अस्पताल रेफर किया गया।
मंगलवार को दून अस्पताल के डॉक्टरों ने मुरारीलाल का आपरेशन किया। आपरेशन के बाद दोपहर दो बजे मुरारी को वार्ड नंबर चार में भर्ती कराया गया।
आईसीयू में शिफ्ट कर दिया
कुछ देर बाद मुरारी को सांस लेने में दिक्कत होने लगी तो परिजनों ने डाक्टर और स्टाफ को जानकारी दी, तो मुरारी को आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया।
मुरारी के बेटे कृष्णा का आरोप है कि बार-बार कहने के बावजूद डॉक्टरों ने पिता को ऑक्सीजन नहीं दी। आरोप लगाया कि मुरारी की मौत वार्ड में ही हो गई थी, लेकिन डाक्टर दिखावे के लिए शव को आईसीयू में ले गए। कुछ देर बाद ही आईसीयू में मौत की सूचना दे दी गई।
लापरवाही का आरोप
भड़के परिजनों ने सीएमएस के कक्ष में जमकर हंगामा किया, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं थे। दूसरे मरीज और तीमारदार भी डाक्टर और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग करने लगे।
सूचना पर पुलिस भी आ गई। पुलिस और डॉक्टरों ने बमुश्किल परिजनों को समझाया, जिसके बाद वे शव लेकर घर लौट गए। परिजनों ने बताया कि मुरारीलाल खेती करते थे।
उधर, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस असवाल ने बताया कि मरीज श्वास रोग से पीड़ित था। बताया कि अस्पताल में ऑक्सीजन का सेंट्रल सप्लाई सिस्टम है। किसी भी मरीज को जरूरत पड़ने पर तुरंत ऑक्सीजन दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि बुधवार को मामले की जांच कराएंगे।