उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) कर्मियों को भी राज्य कर्मियों की तरह हर साल 15 दिन का पितृत्व अवकाश मिलेगा। मुख्य सचिव और यूजेवीएनएल के अध्यक्ष सुभाष कुमार की अध्यक्षता में महारानी बाग स्थित निगम मुख्यालय में शुक्रवार देर शाम तक चली 72वीं बोर्ड बैठक में यह निर्णय हुआ।
बोर्ड ने आपदा में क्षतिग्रस्त पिथौरागढ़ जिले के सोबला-प्रथम विद्युत गृह को दोबारा न बनाने का प्रस्ताव भी पास किया।
इस पर आने वाले भारी भरकम खर्च को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। इसके अलावा निगम की भूमि पर सौर ऊर्जा संयत्र लगाने, पथरी और मोहम्मदपुर विद्युत गृह के टैरिफ वृद्धि के लिए विद्युत नियामक आयोग में वाद दायर करने का भी निर्णय हुआ।
निगम अधिकारियों ने बोर्ड को बताया कि वित्तीय वर्ष 2013-14 में निगम ने 374.39 करोड़ रुपये की बिजली बेची और लगभग 13.33 रुपये करोड़ का मुनाफा कमाया।
इसके अलावा खटीमा विद्युत गृह में आपदा से हुई हानि का आंकलन, इस तरह की घटनाओं को रोकने और धरासू विद्युत गृह के टेल रेस चैनल को संशोधित कर नई दीवार बनाने के लिए 2693 लाख रुपये के कार्य शुरू कराने का भी बोर्ड ने अनुमोदन किया है।
बैठक में सचिव ऊर्जा डा. उमाकांत पंवार, प्रबंध निदेशक जीपी पटेल, निदेशक जेएल बजाज, संदीप सिंघल, एससी सेन आदि शामिल थे।