दिल्ली से पंतनगर पहुंचे ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) के सहायक निदेशक श्रीसेनापति ने पंतनगर एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया।
उनके साथ पंतनगर एयरपोर्ट अथॉरिटी और एयर इंडिया दिल्ली के अधिकारी भी थे। टीम ने एयरपोर्ट पर कई कमियां पाईं, जिन्हें यात्रियों के लिए खतरनाक बताया है।
लाइटिंग की व्यवस्था नहीं
टीम ने यात्रियों के सामान की चेकिंग विधिवत तरीके से नहीं होने पर आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट पर रजिस्टर्ड बैगेज एक्सरे मशीन का होना जरूरी है ताकि यात्रियों के सामान की चेकिंग तसल्ली से हो सके।
एयरपोर्ट पर लाइटिंग की व्यवस्था नहीं है। इसलिए हल्का अंधेरा या धुंध होने पर प्लाइट को लैंडिंग नहीं मिल सकती। रनवे पर मार्किंग भी नहीं की गई है। इस कारण प्लेन की लैंडिंग में कभी भी परेशानी हो सकती है।
किसी भी तरह की बस्ती नहीं होनी चाहिए
टीम ने एयरपोर्ट परिसर से सटी संजय कालोनी बस्ती का निरीक्षण भी किया। टीम ने बस्ती को एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट के पास किसी भी तरह की बस्ती नहीं होनी चाहिए।
संजय कालोनी बस्ती के कई बाशिंदे जंगल से लकड़ी एकत्र कर भोजन तैयार करते हैं। मच्छर भगाने के लिए धुआं भी किया जाता है। बस्ती में खाना बनाते समय चूल्हों से निकलने वाले धुएं एवं मच्छरों को भगाने के लिए किए जा रहे उपायों से आसमान में धुंध हो जाती है।
इस कारण प्लेन को एयर स्ट्रिप पर उतरने में परेशानी हो सकती है। बस्ती में इधर-उधर पड़ी खाने की वस्तुएं लेकर पक्षी आसमान में उड़ते रहते हैं। पक्षियों के प्लेन से टकराने के कारण यात्रियों की जान को जोखिम हो सकता है। टीम अपनी रिपोर्ट उत्तराखंड राज्य के मुख्य सचिव को सौंपेगी।