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मार्च से पहले संभव नहीं है पंचायत चुनाव

Wed, 11 Dec 2013 08:55 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड में राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को स्पष्ट कर दिया कि पंचायत चुनाव मार्च माह तक ही हो सकते हैं और 17-18 मार्च से पहले चुनाव कराने की कोशिश की जाएगी।
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27 को कार्यक्रम पेश किया जाएगा
इसके साथ ही आयोग ने यह भी जता दिया कि शासन की ओर से फरवरी में चुनाव कराने के इरादे से वह सहमत नही है। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुवर्द्धन का कहना है कि 27 दिसंबर को हाइकोर्ट में चुनाव कार्यक्रम भी पेश किया जाएगा और तक तक शासन के साथ सहमति भी बना ली जाएगी।

तीन दिसंबर को हाईकोर्ट में शासन ने फरवरी माह में ही पंचायत चुनाव करा लेने का इरादा  जताया था। बुधवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त सुवर्द्धन ने कहा कि यह संभव नही है। करीब 200 नई ग्राम पंचायतों का गठन भी होता है तो भी निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची का फिर से प्रकाशन करना होगा।
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29 मार्च तक ग्राम पंचायतों का गठन
इस काम में कम से कम एक माह का समय लगना तय है। इसके अलावा और भी कई काम हैं जो आयोग को करने होंगे। इन सब कामों को देखते हुए वर्तमान स्थिति में मार्च तक ही चुनाव कराए जाने संभव होंगे।

आयुक्त के मुताबिक परिसीमन और आरक्षण का काम समय से पूरा हो जाता है तो आयोग 17-18 मार्च तक हर हाल में ग्राम पंचायतों के चुनाव भी पूरे करा लेगा। वैसे 29 मार्च तक ग्राम पंचायतों का गठन हो जाना चाहिए।

शासन ने 18, 21 और 24 फरवरी को तीन चरण में मतदान कराने और 27 फरवरी को मतगणना करा देने का कार्यक्रम तय किया था। आयोग इस बात पर भी विचार कर रहा है कि 45 दिन की अधिसूचना को कितना कम किया जा सकता है।

27 को होगी तस्वीर साफ
27 दिसंबर को पंचायत चुनाव कार्यक्रम पर तस्वीर साफ हो जाने की उम्मीद  है। इस दिन आयोग चुनाव कार्यक्रम हाईकोर्ट में पेश करेगा। निर्वाचन आयुक्त के मुताबिक इससे पहले शासन से बात कर चुनाव कार्यक्रम पर सहमति बना ली जाएगी।

टाइट शेड्यूल में चुनाव कराने में आ रही परेशानी को सुलझाने के लिए 18 और 19 दिसंबर को जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक होगी। बुधवार को भी आयोग ने इस मुद्दे पर संबंधित विभाग और अधिकारियों से बातचीत की।
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