पंचायत चुनाव के तहत प्रथम चरण का मतदान होने से पहले ही प्रदेश में करीब तीस हजार पंचायत प्रतिनिधि निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं।
पंचायतों में आपसी सहमति
इसमें 29058 ग्राम पंचायत सदस्य हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुवर्द्धन का कहना है कि निर्विरोध चुनाव का मतलब है कि पंचायतों में आपसी सहमति की गुंजाइश बनी हुई है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के मुताबिक 18 जून को पहले चरण का मतदान होगा। इसके बाद 21 जून और 24 जून को दूसरे चरण का मतदान होगा। इन तीन चरणों के मतदान के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।
खास बात यह है कि करीब 50 प्रतिशत पदों पर निर्विरोध चुनाव हो गए हैं। प्रधान पद पर एक हजार से अधिक पदों पर निर्विरोध चुनाव हो चुके हैं।
उधमसिंहनगर में सबसे कम निर्विरोध निर्वाचन
इसी तरह ग्राम पंचायत सदस्यों और क्षेत्र तथा जिला पंचायत में भी निर्विरोध प्रत्याशी निर्वाचित हुए हैं। ग्राम प्रधान पद पर सबसे अधिक अल्मोड़ा और सबसे कम उधमसिंहनगर में निर्विरोध निर्वाचन हुआ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के मुताबिक निर्विरोध चुनाव होने से आसपास के लोगों में एक मत होकर क्षेत्र का विकास करने की भावना को बल मिलता है।
मतदान दिवस पर शासन की ओर से 18, 21 और 24 जून को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जा चुका है।
यहां चुने गए निर्विरोध प्रधान
अल्मोड़ा- 212
चम्पावत- 21
नैनीताल- 50
बागेश्वर- 43
पिथौरागढ- 82
उत्तरकाशी- 99
चमोली- 58
रुद्रप्रयाग- 33
पौडी- 101
टिहरी- 183
देहरादून- 116
उधमसिंहनगर- 8
अब ये रह गए मैदान में
सदस्य ग्राम पंचायत- 11426
प्रधान- 22091
सदस्य क्षेत्र पंचायत- 11874
सदस्य जिला पंचायत- 2308