पंचायत चुनाव में ड्यूटी लगते ही एक शिक्षिका के सिर में दर्द हो गया तो वन विभाग के एक अधिकारी अपनी याददाश्त ही खो बैठे।
वहीं, एक अन्य अधिकारी का कहना है कि वे शराब पीते हैं इसलिए चुनाव में उनकी ड्यूटी न लगाई जाए।
अजीब-ओ-गरीब समस्याएं सुन दंग रह गए अधिकारी
बुधवार मेडिकल बोर्ड की बैठक में चुनाव ड्यूटी कटवाने के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों की ऐसी अजीब-ओ-गरीब समस्याएं सुन बोर्ड के अधिकारी भी दंग रह गए।
बुधवार को बोर्ड की बैठक में चुनाव ड्यूटी कटवाने के लिए दो सौ से अधिक आवेदनों की जांच हुई। जबकि काफी आवेदन मेडिकल सर्टिफिकेट न होने के कारण निरस्त कर दिए गए।
अपर जिलाधिकारी प्रताप सिंह शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी एसपी खाली, जिला शिक्षा अधिकारी पदमेंद्र सकलानी, डॉ. नरेश सिंह, डॉ. आलोक, डॉ. एसएस कंडारी, डॉ. जेपी चमोली, डॉ. आरसी रावल और डॉ. ज्योति बोरा मौजूद थे।
सिर दर्द से बेहोश हो जाती है शिक्षिका
सहसपुर ब्लॉक की एक शिक्षिका का कहना है कि उनके सिर में बहुत तेज दर्द रहता है। दर्द इतना अधिक होता है कि बेहोशी जैसी हालत हो जाती है। इसलिए वे चुनाव में ड्यूटी नहीं कर पाएंगी।
ड्यूटी से बढ़ गई घबराहट
विकासनगर ब्लॉक की एक सहायक अध्यापिका को ह्दय संबंधी परेशानी है। दिल में दर्द होता है, तेज घबराहट होती है और चक्कर आते हैं। लेकिन, बोर्ड ने मेडिकल प्रमाण पत्र देखकर उन्हें ड्यूटी के लिए फिट बताया।
चली गई याददाश्त
दून में डीएफओ कार्यालय में तैनात एक अधिकारी का कहना है कि कुमाऊं मंडल के एक जनपद में जंगल में गश्त के दौरान उन्हें ब्रेन हेमरेज हो गया था।
इसमें उनकी एक आंख की रोशनी चली गई और वे 80 फीसदी याददाश्त खो बैठे। बोर्ड ने प्रमाणपत्रों को पुराने बताते हुए उन्हें ड्यूटी के लिए फिट बताया।
मैं मेडिकल अवकाश पर हूं...
सिंचाई विभाग के एक कर्मचारी का कहना है कि वे मेडिकल अवकाश पर हैं, लेकिन उनकी चुनाव में ड्यूटी लगा दी गई है। वे चुनाव ड्यूटी नहीं कर सकते उन्हें इससे मुक्त किया जाए।