इसे मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। अधिनियम में यह प्रावधान किया गया है कि ग्राम पंचायत प्रधान, क्षेत्र पंचायत प्रमुख व जिला पंचायत में अध्यक्ष व सदस्य किसी अन्य पद पर निर्वाचित होते हैं तो वे एक साथ दो पद पर नहीं रह सकते हैं।
इसके साथ ही लगातार तीन बैठकों से अनुपस्थित रहने वाले प्रतिनिधियों को अयोग्य मान कर पद से हटाया जाएगा। अधिनियम में अभी तक प्रधान, क्षेत्र पंचायत प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण स्पष्ट नहीं था। अब प्रावधान किया गया है कि अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़े वर्ग की आबादी के अनुसार आरक्षण निर्धारित किया जाएगा।