द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर की चल-उत्सव विग्रह डोली
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पंच केदार में द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर की चल-उत्सव विग्रह डोली शनिवार को अपने धाम के लिए रवाना हुई। डोली वाहन से रांसी गांव पहुंची। डोली 23 मई को गौंडार में रात्रि प्रवास करेगी, जबकि 24 मई को धाम के कपाट खुलेंगे।
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चल उत्सव विग्रह डोली को मंगोलचारी से वाहन से रांसी गांव पहुंचाया
पंच केदार में द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली को मंगोलचारी से वाहन से रांसी गांव पहुंचाया गया। ओंकारेश्वर मंदिर स्थित रावल निवास में प्रशासन, पुलिस, देवस्थान बोर्ड और हक-हकूकधारियों की मौजूदगी में चर्चा की गई। इस मौके पर सर्व सम्मति से कोरोना से बचाव को ध्यान में रखते हुए द्वितीय केदार की डोली को वाहन से ले जाने का निर्णय लिया गया।
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रांसी गांव स्थित राकेश्वरी मंदिर में रात्रि प्रवास करेगी डोली
शनिवार 22 मई को द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली सुबह 7 बजे ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से डंगवाड़ी, ब्राह्मणखोली होते हुए पैदल मार्ग से मंगोलचारी के देवदर्शनी पहुंची। जहां पर पूजा-अर्चना के बाद डोली को वाहन में विराजमान किया गया। इसके बाद डोली रांसी गांव स्थित राकेश्वरी मंदिर में रात्रि प्रवास करेगी।
20 लोगों को धाम जाने की अनुमति
जबकि 23 को डोली रात्रि प्रवास के लिए गौंडार गांव पहुंचेगी और 24 मई को तय लग्न पर भगवान मद्महेश्वर के कपाट खोल दिए जाएंगे। प्रशासन द्वारा भगवान मद्महेश्वर के कपाटोद्घाटन के लिए 20 लोगों को धाम जाने की अनुमति दी गई है। इन लोगों में रांसी व गौंडार गांव के 7-7 व देवस्थानम बोर्ड के 6 कर्मचारी मौजूद हैं। इन सभी लोगों का कोरोना टेस्ट कर निगेटिव रिपोर्ट आई है।