धर्मनगरी हरिद्वार में पाकिस्तान के हिंदू नागरिक भी बम-बम भोले के जयकारे लगा रहे हैं। कांवड़ लेने हरिद्वार पहुंचा 18 पाकिस्तानी हिंदुओं का जत्था दिल्ली के बिजवासन में शिव का जलाभिषेक करेगा।
जत्थे में शामिल लोगों का कहना है पाकिस्तान में हिंदुओं को उनके त्योहार नहीं मनाने दिए जाते।
रविवार सुबह हरकी पैड़ी पहुंचे पाक नागरिकों ने बताया कि वे लोग टुकड़ों-टुकड़ों में साल भर के धार्मिक वीजा पर सिंध प्रांत (पाकिस्तान) के जिला मटिहारी से पहुंचे हैं।
पाक में धार्मिक शिक्षा देने की आजादी तक नहीं
जत्थे में शामिल दीवान राजपूत और किशन राजपूत ने बताया कि शिव की पूजा-अर्चना के महीने सावन में ऐसा रंग होता है, कभी सोचा भी नहीं था।
पाकिस्तान में पूजा मंदिरों के गेट बंद करके करनी पड़ती है। शक्ति देवी और सोनाली ने बताया कि पाक में हिंदू लड़कियों को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता है।
शिवनाथ ने मुताबिक हिंदुओं को अपने बच्चों को धार्मिक शिक्षा देने की आजादी तक नहीं है। मजबूरी में बच्चों को मदरसों में पढ़ाना पड़ता है।
मोटर मैकेनिक रूपचंद ने बताया कि पाक सरकार अल्पसंख्यकों की सहायता के लिए कोई कदम नहीं उठाती। जत्थे में शामिल लोगों ने भारत सरकार से नागरिकता देने की गुहार लगाई है।
‘पाक हिंदुओं के लिए संघर्ष करेंगे’
दिल्ली निवासी नाहर सिंह तीन साल से पाकिस्तान से आए हिंदू परिवारों को नागरिकता और सुविधाएं दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
रविवार को दल को लेकर हरिद्वार पहुंचे नाहर सिंह ने बताया कि वह पाक हिंदुओं के लिए संघर्ष करते रहेंगे। बताया कि उनके दिल्ली बिजवासन स्थित निवास पर 600 से ज्यादा पाक हिंदू रह रहे हैं।
मई-2013 में दिल्ली हाईकोर्ट में इनकी नागरिकता के लिए याचिका दायर की थी। राष्ट्रपति से भी मदद की गुहार लगाई।