विधान सभा उपचुनाव के तहत मतदान से ठीक पहले हुई कैबिनेट में मानसून और आपदा को लेकर मंथन किया गया।
कैबिनेट ने मानसून को देखते हुए सुरक्षा से लेकर आपदा नियंत्रण और सड़कों के रखरखाव जैसे मुद्दे पर बातचीत की। विधानसभा उपचुनाव को देखते हुए कैबिनेट ने किसी मसले पर फैसला जाहिर नहीं किया।
हालांकि मंत्रिमंडल की बैठक करीब तीन घंटे चली। इतना जरूर है कि मौसम साफ होने पर कैबिनेट केदारनाथ में करने पर सहमति बनी।
मानसून को देखते हुए अचानक बुलाई बैठक
मानसून को देखते हुए मंत्रिमंडल की बैठक अचानक ही बुलाई गई। मंत्रियों के सामने कोई एजेंडा भी नहीं था। इसके बावजूद करीब तीन घंटे तक मंत्रिमंडल की बैठक चली।
सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल ने आपदा और मानसून के विभिन्न पहलुओं पर बातचीत की। चार धाम यात्रा मार्ग, आपात स्थिति की तैयारी आदि पर बातचीत हुई।
मंत्रिमंडल की यह बैठक सोमवार को हो रहे विधानसभा उपचुनाव के मतदान से ठीक पहले की थी। लिहाजा आचार संहिता को देखते हुए यह बैठक सिर्फ विमर्श के लिए बुलाई गई। कहा गया कि बैठक में कोई फैसला नहीं किया गया।
मौसम साफ होने पर केदारनाथ में होगी मंत्रिमंडल की बैठक
मतदान से ठीक एक दिन पहले हुई इस कैबिनेट की बैठक पर भाजपा की भी निगाह थी। एक मंत्री के मुताबिक कैबिनेट में अगर फैसला ले लिया जाता तो भाजपा को शोर मचाने का एक मौका और मिलता।
सूत्रों के मुताबिक यह भी सहमति बनी है कि मौसम साफ होने पर केदारनाथ में मंत्रिमंडल की बैठक होगी।
इस प्रस्तावित केबिनेट में पुनर्निर्माण पर विस्तृत बातचीत करने और केदारधाम के पुनर्निर्माण से संबंधित फैसले लेने का इरादा जताया गया है।
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