शराब ठेके कुछ दिन पहले आबकारी आयुक्त के आदेशों को भी ठेंगा दिखा रहे हैं। ओवररेटिंग ठेकों पर बदस्तूर जारी है। शराब के एक पव्वे पर अलग अलग ठेकों पर पाँच से 10 रुपये तक अधिक वसूले जा रहे हैं। यह सब निगरानी करने वाले महकमे के अफसर और कर्मियों अनदेखी का ही नतीजा मानी जा रही है जिन्हें शायद अपने ऊपर लटकी कार्रवाई की तलवार का भी डर नहीं है।
अमर उजाला की ओर से रविवार को पटेलनगर क्षेत्र के दो शराब ठेकों पर पड़ताल की गई। करगी चौक ठेके पर एक रॉयल चैलेंज ब्रांड का पव्वा खरीदा गया। इस पर एमआरपी 210 लिखी हुई थी। जबकि सेल्समेन मने ऑनलाइन भुगतान 220 का लिया। इसके बाद निरंजनपुर ठेके पर एक इम्पीरियल ब्लू के क्वार्टर के 175 रुपये के स्थान पर 180 रुपये लिए गए। ओल्ड मोंक रम के क्वार्टर के दाम भी पाँच रुपये इसी ठेके पर अधिक वसूले गए। ओवररेटिंग बंद है ऐसा सवाल करने पर सेल्समेन ने अपने चेहरे पर एक मुस्कान दिखाई और भुगतान ले लिया।
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इंस्पेक्टर और डीईओ पर कार्रवाई की दी थी चेतावनी
पिछले दिनों आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल की ओर से एक सख्त आदेश ओवररेटिंग के संबंध में जारी किया गया था। आयुक्त ने चेतावनी दी थी कि कहीं भी ओवररेटिंग पाई गई तो इसकी जवाबदेही जिला आबकारी अधिकारी और संबंधित सेक्टर के इंस्पेक्टर की होगी। दोनों के ख़िलाफ़ कार्रवाई भी की जा सकती है।
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कई बार हो चुके विवाद
ओवररेटिंग के मामले में जब कभी शिकायत करने ओर कई बार ठेके पर विवाद की खबरें भी सामने आई हैं। पिछले महीने निरंजनपुर स्थित ठेके पर कुछ युवकों के साथ मारपीट की गई। दोनों ररफ़बसे आरोप प्रत्यारोप हुए और प्राथमिकी दर्ज की गई। पता चला की ठेके पर ओवररेटिंग का विरोध हुआ तो मामला बढ़ा। इसके कुछ दिन बाद ही रेलवे स्टेशन के सामने लखीबाग ठेके पर इसी तरह का विवाद हुआ। इसके बाद ही आयुक्त को यह आदेश जारी करना पड़ा।