फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आक्रोशः रेलवे ने छीनी एक हजार युवाओं की खुशियां

Sun, 27 Oct 2013 05:56 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
रेलवे की लापरवाही का खामियाजा हजारों बेरोजगार युवकों को भुगतना पड़ा। प्रवेश पत्र न मिलने से अकेले दून में ही एक हजार से अधिक युवक रेलवे भर्ती परीक्षा नहीं दे पाए।
विज्ञापन


परीक्षा देने आए युवकों ने पहले परीक्षा केंद्रों पर विरोध जताया। उसके बाद भर्ती प्रक्रिया कराने रेलवे स्टेशन स्थित कंट्रोल रूम में मुरादबाद रेलवे मंडल के अधिकारियों का घेराव कर नारेबाजी की।

अभ्यर्थियों के लिए बने थे 46 परीक्षा केंद्र
युवकों ने रेलवे अधिकारियों पर संतोषजनक जवाब न देने का आरोप लगाया। अभ्यर्थियों ने दोबारा से परीक्षा कराने की मांग की है।

रेलवे की ग्रुप डी (चतुर्थ श्रेणी) की भर्ती परीक्षा के लिए रेलवे रिक्य्रूटमेंट प्रकोष्ठ, नई दिल्ली ने दून में भी 46 केंद्र बनाए थे। इन केंद्रों पर करीब बीस हजार अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी।
विज्ञापन


सुबह 11 बजे से साढ़े बारह बजे तक परीक्षा हुई। इसके लिए मुरादाबाद मंडल से दो सौ रेलकर्मियों की टीम आई थी। सुबह विभिन्न केंद्रों पर उस वक्त विवाद हो गया जब भर्ती अधिकारियों ने इंटरनेट से डाउनलोड किए गए डुप्लीकेट प्रवेश पत्र पर अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया।

अभ्यर्थी मायूस होकर लौट गए
युवकों का कहना था कि रेलवे की लापरवाही के चलते उन्हें अब तक प्रवेश पत्र नहीं मिला। ऐसे में रेलवे की वेबसाइट पर डाले गए प्रवेश पत्र उन्होंने खुद ही डाउनलोड किए। साथ में ही अपना परिचय पत्र भी दिखाया।

जैसा कि अखबारों में दिए इश्तहारों में रेलवे ने सूचना दी थी। रेलवे स्टेशन पर हंगामे के चलते सीओ सिटी एचएच सती और जीआरपी थानाध्यक्ष प्रदीप चौहान बड़ी संख्या में फोर्स के साथ स्टेशन पहुंचे। दूरदराज के शहरों से परीक्षा देने आए ये अभ्यर्थी मायूस होकर लौट गए।

बेरोजगारों के प्रति संवेदनहीन नजर आए रेलवे अधिकारी
चतुर्थ श्रेणी की परीक्षा देने दिल्ली, लखनऊ, इलाहाबाद, मुरादाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर आदि शहरों से परीक्षा देने आए बेरोजगार युवकों के प्रति मुरादाबाद से आए रेलवे अधिकारियों का रवैया संवेदनहीन नजर आया। रेलवे के जिम्मेवार अधिकारी अभ्यर्थियों को समझाने के बजाय विरोध होता देख कंट्रोल रूम से उठकर रेलवे विश्राम गृह में चले गए।

मनोज पाल, वेदप्रकाश, मनजीत सिंह, महेश कुमार, उमेश कुमार, जवाहर सिंह, यमुना प्रसाद चौहान आदि अभ्यथियों ने बताया कि परीक्षा केद्रों पर पांच मिनट देरी से पहुंचने पर भी छात्रों को परीक्षा कक्ष में नहीं जाने दिया गया।

रेलवे स्टेशन पर रहा अफरातफरी का माहौल
बेरोजगार युवकों के रेलवे स्टेशन पर हंगामा करने और परीक्षा छूटने के वक्त अभ्यर्थियों की भीड़ से रेलवे स्टेशन पर अफरातफरी का माहौल रहा। दोपहर डेढ़ बजे लिंक एक्सप्रेस में चढ़ने के लिए यात्रियों में धक्का-मुक्की होती रही। शाम को जाने वाली गाड़ियों में भी यही हालत थी।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें