पावंटा साहिब-पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग पर नंदा की चौकी स्थित टौंस नदी पर नवनिर्मित सेतु के एप्रोच रोड को हुए नुकसान के मामले में सहायक अभियंता अमित त्यागी और अपर सहायक अभियंता नवीन गैरौला के निलंबन का उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने विरोध किया है। संघ की खंडीय कार्यकारिणी और कर्मचारियों ने 10 अगस्त को प्रांतीय लोक निर्माण विभाग कार्यालय, देहरादून में एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन कर कार्रवाई पर नाराजगी जताई।
संघ ने कहा कि शासन की प्रारंभिक जांच में स्वयं यह तथ्य सामने आया है कि डिजाइन कंसल्टेंट की ओर से रिवर डाइवर्जन वर्क के डिजाइन में नदी तल की क्रॉस स्लोप और नदी की प्राकृतिक घुमावदार प्रकृति को समुचित रूप से ध्यान में नहीं रखा गया। साथ ही रिवर ट्रेनिंग के आवश्यक उपाय भी डिजाइन में उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके कारण नदी का प्रवाह एक ओर केंद्रित हुआ और सेतु के एबटमेंट के अपस्ट्रीम में भारी स्कॉरिंग से एप्रोच रोड की ओर भूमि कटाव हुआ।
संघ का कहना है कि यदि आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य या रिवर ट्रेनिंग उपाय डीपीआर में ही शामिल नहीं किए गए थे, तो उनके निष्पादन न होने के लिए अधीनस्थ अभियंताओं को सीधे जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। अभियंताओं की जिम्मेदारी स्वीकृत डिजाइन एवं तकनीकी प्रावधानों के अनुसार कार्य की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण तक सीमित है।
संघ ने मांग की कि केवल अधीनस्थ अभियंताओं पर कार्रवाई करने के बजाय डिजाइन कंसल्टेंट, डिजाइन सेल, तकनीकी स्वीकृति देने वाले अधिकारियों तथा वास्तविक रूप से जिम्मेदार एजेंसी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। धरने में संघ पदाधिकारियों सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।