सिविल पुलिस में 45 वर्ष की आयु वाले हेड कांस्टेबलों को ही विशेष श्रेणी दारोगा पद पर प्रमोशन मिल पाएगा। शासन ने पीएसी और आर्म्ड पुलिस के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इससे कई हेड कांस्टेबलों को निराशा हुई। हालांकि पुलिस मुख्यालय नए सिरे से प्रमोशन प्रक्रिया में उन्हें भी शामिल करने का प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर रहा है।
गृह मंत्री प्रीतम सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में 45 वर्ष की आयु वाले पुलिस, पीएसी और आर्म्ड पुलिस के करीब 50 प्रतिशत हेड कांस्टेबलों को विशेष श्रेणी के दारोगा पद पर प्रोन्नति दिए जाने पर सहमति बनी थी। वर्तमान में हेड कांस्टेबलों की संख्या 1210 के करीब है। यह हेड कांस्टेबल पहले से ही दारोगाओं का वेतनमान पा रहे हैं।
मुख्यालय ने भेजा प्रस्ताव
ऐसे में सरकार पर किसी तरह का आर्थिक बोझ नहीं बढ़ने वाला है। गृह मंत्री की सहमति के आधार पर पुलिस मुख्यालय ने शासन को अपना प्रस्ताव भेज दिया था। शासन ने मंथन के बाद केवल सिविल पुलिस के हेड कांस्टेबलों को प्रमोशन दिए जाने की स्वीकृति दी। यह आदेश जारी होने के बाद पीएसी और आर्म्ड पुलिस के हेड कांस्टेबलों में बेचैनी है।
डीआईजी का कहना
विशेष श्रेणी दारोगा पद पर प्रमोशन के लिए सिविल पुलिस, पीएसी और आर्म्ड पुलिस का संयुक्त प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन शासन से सिविल पुलिस के प्रमोशन को ही अनुमति मिली है। पुलिस मुख्यालय द्वारा नए सिरे से उन्हें भी प्रमोशन प्रक्रिया में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा जा रहा है। पहले चरण में करीब 50 प्रतिशत हेड कांस्टेबलों को प्रमोशन मिल जाएगा।
-राम सिंह मीणा, अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशासन)