घर में घुसकर मारपीट करने के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रीतेश कुमार श्रीवास्तव की अदालत में दोष साबित होने पर आरोपी को एक साल का कठोर कारावास और चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मुकदमा वापस नहीं लेने पर दी धमकी
24 दिसंबर 2006 को द्वारिका प्रसाद रतूड़ी निवासी गुमानीवाला, श्यामपुर ने पुलिस को तहरीर में आरोप लगाया कि सूरजमणी निवासी गुमानीवाला के एक प्रापर्टी डीलर दोस्त के खिलाफ किसी मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। जिस पर सूरजमणी ने मुकदमा वापस लेने को धमकाया और घर में घुसकर उसके साथ गाली गलौज, मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने सूरजमणी के खिलाफ संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की।
छह माह की कठारे कारावास
सहायक अभियोजन अधिकारी डीके आर्य ने बताया कि मामले की सुनवाई मंगलवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रीतेश कुमार श्रीवास्तव की अदालत में हुई। दोष सिद्ध होने पर कोर्ट ने आरोपी को भादसं की धारा 452 में एक साल और 323 में छह माह के कठोर कारावास के साथ क्रमश: तीन हजार और एक हजार रुपये जुर्माने के सजा सुनाई है। दोनो सजाएं साथ चलेंगी।
वकील की जमानत याचिका रद्द
भरी अदालत में संविदा पर तैनात पेशकार को थप्पड़ मारने के मामले में आरोपी अधिवक्ता राज कौशिक की जमानत याचिका कोर्ट ने निरस्त कर दी है। मामले में फरार चल रहे आरोपी अधिवक्ता ने सोमवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रीतेश कुमार श्रीवास्तव की अदालत में सरेंडर किया था। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था। सहायक अभियोजन अधिकारी के मुताबिक वकील ने जमानत के लिए अपील की थी। संबंधित कोर्ट ने बुधवार को जमानत याचिका रद्द कर दी है।