डॉ. झाला ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका से 40 चीतों को लाया जाना है, जिसमें पहले चरण में 10 चीते लाए जाएंगे। चीतों को फिलहाल मध्य प्रदेश के कूनो पालपुर चिड़ियाघर में रखा जाएगा जिसके लिए तमाम व्यवस्थाओं को भी पूरा कर लिया गया है।
पूरी दुनिया में बचे हैं सिर्फ 12,400 चीतें
आंकड़ों पर नजर डालें तो पूरी दुनिया में सिर्फ 12400 चीतें ही बचे हैं जिसमें सबसे अधिक 2,500 चीते नामीबिया के जंगलों में पाए जाते हैं। इसके अलावा दक्षिण अफ़्रीका और ईरान जैसे देशों में चीते पाए जाते हैं।
जहां तक भारत का सवाल है तो वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिकों के मुताबिक, साल 1952 में चीते देश से पूरी तरह से विलुप्त हो गए थे। एक बार फिर देश के जंगल चीतों से आबाद हों, इसके लिए नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी की ओर से लंबे समय से कवायद जारी है। चीतों को बसाने को लेकर एनटीसीए की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल की गई थी जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने चीतों को बसाने की अनुमति दी।