IIदून अस्पताल को हाल ही मिले 207 नर्सिंग अधिकारियों को ड्यूटी के दौरान कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं। कई नर्सें तो ओटी में ड्यूटी करने से हाथ खड़े कर रही हैं। ऐसे में दून अस्पताल प्रबंधन ने रोटेशन का नियम लागू किया है।
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Iअधिकारियों के मुताबिक तीन-तीन महीने में हर नर्सिंग अधिकारी को अलग विभाग के आईसीयू, वार्ड और ओटी में तैनाती मिलेगी। विशेष परिस्थितियों में इसे तय समय से पहले भी बदला जा सकता है। जानकारी के मुताबिक कई नर्सें फ्रेशर हैं साथ ही कई के पास उस कैडर का अनुभव नहीं है जिसमें उनको तैनाती दी गई है। ऐसे में उनको काम करने में दिक्कतें आ रही हैं। इसमें सबसे अधिक परेशानी ओटी में ड्यूटी के दौरान आ रही हैं। ओटी में एक ही पॉजीशन में लंबे समय तक खड़े रहने से उनके पैरों में सुन्नता आ रही है।
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Iऐसे में वे ड्यूटी बदलने की भी मांग कर रही हैं। इसकी व्यवहारिकता को समझते हुए अस्पताल प्रबंधन ने ड्यूटी का रोटेशन बनाया है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस बिष्ट ने बताया कि नर्सिंग अधिकारियों को सभी विभागों का अनुभव देने के लिए रोटशन लागू किया गया है।I