शनिवार की शाम मुख्यमंत्री हरीश रावत से किए गए हड़ताल खत्म करने के वादे को तोड़ने के बाद रविवार दोपहर बाद नर्सें हड़ताल खत्म कर काम पर लौंट गईं।
नर्सें ने अपनी मांगे पूरी करने के लिए सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि इस समय में उनकी मांगे पूरी नहीं की गई तो वह फिर से हड़ताल करने को मजबूर होंगी।
उधर, सरकार की ओर से अधिकांश मांगें माने जाने के बाद शनिवार को नर्सें हड़ताल खत्म करने के लिए तैयार नहीं हुईं। शनिवार सुबह मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित तमाम उच्च अधिकारियों के साथ नर्सों की वार्ता में हड़ताल खत्म करने पर बात बन गई थी, लेकिन शाम को जब बैठक का ब्योरा मिला तो नर्सें मुकर गईं।
हाईकोर्ट के हड़ताल खत्म करवाने के आदेश के बाद नर्सों का यह कदम शासन के लिए चौंकाने वाला था। ग्रेड पे वृद्धि को छोड़कर उनकी अधिकांश मांगें सरकार ने मान ली थीं।
सरकार ने माना अपर निदेशक पद तक प्रमोशन
मुख्यमंत्री ने शनिवार को निर्देश दिए थे कि नर्सिंग संवर्ग के ढांचे को सुदृढ़ किया जाए। नर्सिंग संवर्ग के लिए अलग निदेशालय सहित पदोन्नति पद को अपर निदेशक तक किए जाने पर सहमति बनी। नर्सिंग कर्मियों की पदोन्नति के लिए सेवा नियमावली में संशोधन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने आग्रह किया था कि नर्सिंग एसोसिएशन काम पर लौट आए। इसके बाद नर्सिंग एसोसिएशन ने हड़ताल वापस लेने का ऐलान कर सीएम को धन्यवाद तक दिया, लेकिन शाम को बैठक का कार्यवृत जारी हुआ तो नर्सों ने हड़ताल जारी रखने का ऐलान कर दिया जो हाईकोर्ट की अवमानना के दायरे में था।
ग्रेड पे नहीं तो मिले संवर्ग का उच्चतम स्केल
ग्रेड पे पर बात बनती न देख अब नर्सों ने मांग रखी कि उनके संवर्ग से रिटायर होने वाली नर्स को संवर्ग का उच्चतम स्केल मिले। इसके लिए नर्सें एश्योरड कैरियर प्रोग्रेशन (एसीपी) में पांच पदोन्नतियां अनिवार्य करने मांग कर रही हैं। यानी हर नर्स अपर निदेशक पद से रिटायर होगी। इससे अन्य सभी संवर्ग यह मांग करेंगे जिससे सरकार को हजारों करोड़ के बजट की आवश्यकता पड़ेगी।
जानिए, सरकार ने मांगी कौन सी मांग, कौन नहीं
- नर्सिंग संवर्ग का पृथक से निदेशालय
- अपर निदेशक, संयुक्त निदेशक, उपनिदेशक के पद होंगे सृजित।
- संवर्ग के ढांचे और नियमावली में संशोधन
- केंद्र की तर्ज पर बेस और जिला अस्पतालों में डाक्टर और नर्स तैनाती अनुपात
- चिकित्सा शिक्षा विभाग में भी पदोन्नति दी जाएगी
- राज्य नर्सिंग काउंसिल में सचिव का पद
- 12 मई फलॉरेंस नाइटेंगल डे पर नर्सें होंगी सम्मानित
- 9 नवंबर से नर्सों का सभी जिलों में सम्मान समारोह
ग्रेड पे वृद्धि संभव नहीं: सरकार
नर्सों की मुख्य मांग ग्रेड पे वृद्धि पर सरकार ने साफ किया कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति को देखते हुए संभव नहीं है। पीजी करने वाली नर्सों को केंद्र की तर्ज पर भत्ता दिया जाने पर भी स्थिति साफ नहीं हुई है। सीएम हरीश रावत ने कहा कि यदि ऐसा किया जाता है तो अंतर कैडर संघर्ष की स्थिति हो जाएगी। सातवें वेतन आयोग के आने पर एक बार फिर नर्सिंग संघ के साथ विचार-विमर्श कर लिया जाएगा।
देखिए, क्या कहा था दोनों पक्ष ने
नर्सिंग एसोसिएशन के साथ मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई वार्ता में हड़ताल खत्म करने पर सहमति बन गई थी, जिसके आधार पर बैठक का ब्योरा जारी किया गया। अब अगर नर्सें आंदोलन जारी रख रही हैं तो सरकार नए सिरे से विचार करेगी। हड़ताल से हाईकोर्ट के आदेशों की अवमानना होगी। इसके अलावा शासन ने पहले ही हड़ताल को निषिद्ध घोषित कर रखा है।
-ओम प्रकाश, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य
एक बार फिर नर्सों के साथ छलावा करने की कोशिश की गई है। नर्सें अपना हक लेकर ही मानेंगी। इसलिए हड़ताल जारी रखते हुए आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
-लक्ष्मी पुनेठा, प्रांतीय प्रवक्ता, राजकीय नर्सेज एसोसिएशन