केंद्रीय नेतृत्व की ओर से प्रवक्ताओं, मीडिया प्रभारियों व सह प्रभारियों के लिए इस संबंध में एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें उन्हें बयानबाजी व बहस करते समय संवेदनशील मसलों पर विशेष सावधानी बरतने और सही तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता नुपूर शर्मा के बयान पर विवाद के बाद प्रदेश भाजपा के सभी प्रवक्ता, मीडिया व सह मीडिया प्रभारी व टीवी डिबेट में शामिल होने वाले पैनेलिस्ट के बयान पार्टी नेतृत्व के रडार पर आ गए हैं। उन्हें पार्टी की ओर से राजनीतिक बहसों और बयानबाजी में तथ्यपरक तर्क रखने की सलाह दी गई है।
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राष्ट्रीय प्रवक्ता नुपूर शर्मा के बयान के बाद पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया था। इसके बाद उन्हें लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। नुपूर के बयान पर भाजपा भी कुछ असहज दिखी है। पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, टीवी बहसों में शामिल होने वाले प्रवक्ताओं और पैनेलिस्ट को अब ताकीद करके भेजा जा रहा है।
माना जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व की ओर से प्रवक्ताओं, मीडिया प्रभारियों व सह प्रभारियों के लिए इस संबंध में एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें उन्हें बयानबाजी व बहस करते समय संवेदनशील मसलों पर विशेष सावधानी बरतने और सही तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
पार्टी में 10 प्रवक्ता हैं और जबकि एक मीडिया व तीन सह मीडिया प्रभारी हैं। इनके अलावा पैनेलिस्ट की एक टीम भी है। मीडिया की एक टीम कुमाऊं मंडल में भी है। इस संबंध में पूछे जाने पर पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि प्रवक्ताओं को केवल यह सलाह दी गई है कि वे टीवी या समाचार पत्रों में जो भी बयान देंगे, वह पार्टी की रीति-नीति के अनुरूप हो। वे अपना पक्ष सही तथ्यों के साथ रखने की परंपरा का गंभीरता से निर्वहन करें।