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इस नंबर पर जनता सीधे कर सकेगी CM से बात

Wed, 05 Mar 2014 11:57 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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हेलो, मुख्यमंत्री जी बोल रहे हैं। अब जनता सीधे सीएम हरीश रावत को दूरभाष से अपनी शिकायत, समस्या व सुझाव दे सकेगी।
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प्रत्येक गुरुवार एवं शनिवार करें सीएम से बात
मुख्यमंत्री के निर्देश पर व्यवस्था की गई है कि प्रत्येक गुरुवार एवं शनिवार को सुबह 9 बजे से दोहपर एक बजे तक आम जनता मुख्यमंत्री से दूरभाष नम्बर 0135-2750033 पर अपनी बात कह सकेगी।

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सरकार ने लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले कई अहम फैसले लिए हैं। मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने बताया है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश सरकार स्वच्छ उत्तराखंड-स्वस्थ उत्तराखंड नाम से एक नई योजना शुरू करेगी।
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निर्मल भारत अभियान योजना के तहत नई योजना में राज्य के छूटे हुए गांवों में राज्य सरकार द्वारा अपने व्यय पर व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालयों का निर्माण करेगी। व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण के लिए पात्र परिवारों को धनराशि दी जाएगी।

शोध संस्थानों को दिया जाएगा अनुदान
यह योजना अगले तीन वर्षों में पूरी होगी। मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये हैं कि गढ़वाली एवं कुमाऊंनी भाषा के शोध संस्थानों को भी राज्य सरकार द्वारा अनुदान दिया जाएगा।

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जिसमें प्रत्येक शोध संस्थान को पांच-पांच लाख रुपए तक का अनुदान दिया जाएगा। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि कुमाऊं एवं गढ़वाल में मण्डल स्तर पर दो-दो व्यक्तियों को गढ़वाली तथा कुमाऊंनी भाषा के उत्थान एवं विकास में शोध करने वालों को छात्रवृत्ति दी जाएगी।

जिसके तहत दो लाख रुपए प्रतिवर्ष छात्रवृत्ति दी जाएगी। छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिए विशेषज्ञों की एक चयन समिति गठित की जाएगी।

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मुख्यमंत्री ने यह भी निर्णय लिया है कि मण्डल स्तर पर कुमांयू एवं गढ़वाल के पारंपरिक सांस्कृतिक दलों को प्रत्येक वर्ष रोटेशन के आधार पर दो-दो लाख रुपए का अनुदान दिया जायेगा, इसके लिए प्रत्येक मण्डल से दो-दो दलों का चयन एक विशेष चयन समिति द्वारा किया जायेगा।

प्रत्येक जनपद को आपदाग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण के लिए पूर्व में पांच अथवा ढाई करोड़ रुपए की धनराशि निर्गत की गई थी, अब उन्ही जनपदों को 10 अथवा 5 करोड़ रुपए की अतिरिक्त धनराशि दिये जाने का निर्णय लिया गया है।

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इसके अतिरिक्त प्रत्येक जनपद को सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण के लिए दो करोड़ रुपए की धनराशि अतिरिक्त दिये जाने का भी निर्णय लिया गया है।

विभागीय नियमों में शिथिलता प्रदान
इन धनराशियों को व्यय करने हेतु मण्डलायुक्त को 10 करोड़ रुपए, जिलाधिकारी को पांच करोड़ तथा एसडी.एम को एक करोड़ रुपए का वित्तीय अधिकार भी दिया गया है।

इन समस्त कार्यों का क्रियान्वयन जनपद स्तर पर गठित परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) द्वारा ही किया जाएगा। इन कार्यों के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए विभागीय नियमों में शिथिलता प्रदान की गई है।

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इंटर कॉलेज तथा डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाले ओबीसी छात्रों के लिए छह महीने की छात्रवृत्ति एकमुश्त प्रदान की जाएगी। इन छात्रवृत्तियों का वितरण जिलाधिकारी विशेष शिविर आयोजित कर करेंगे।
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विभिन्न माध्यमों से ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन के क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को मुख्यमंत्री द्वारा निर्देशित किया गया है।

जनपद चम्पावत में छह पौराणिक दृष्टिकोण से अति महत्वपूर्ण स्थानों यथा-पूर्णागिरी मंदिर, गोरखनाथ मंदिर, गौरूलचौड़, ब्यानधुरा, देवीधुरा मंदिर तथा वाणासुर का किला के सर्वागिंण विकास हेतु दो करोड़ रुपए का प्राविधान किया गया है।
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