मछली पालन में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने जलाशय को ठेके पर देने की अवधि पांच साल से बढ़ा कर 10 साल कर दी है। सरकार का अनुमान है कि इससे तालाबों में मछली उत्पादकता प्रति हेक्टेयर 65 किलो. तक होने का अनुमान है। तालाबों को ठेके पर देने की प्रक्रिया टेंडर के माध्यम की जाएगी।
मत्स्य विकास की ओर से मछली उत्पादन के लिए जलाशयों को ठेके पर दिया जाता है। वर्तमान में तालाब को ठेके पर पांच साल के दिया जाता है, लेकिन तालाब में पहले वर्ष में मत्स्य बीज संचय करने में लगता है। जबकि क्षमता के अनुसार मछली उत्पादन प्राप्त करने में लगभग दो वर्ष का समय लगता है।