महाविद्यालय विद्या समीक्षा केंद्र से जुड़ेंगे
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने एसआईआरएफ पोर्टल लांच करते हुए कहा, इससे राज्य के शिक्षण संस्थानों के बीच गुणवत्ता बढ़ाने की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। कहा, कुलपति सम्मेलन में मिले सुझावों को सरकार नीतिगत स्वरूप देगी। हर साल इस सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। कहा, अगले तीन माह में सभी विवि व महाविद्यालय विद्या समीक्षा केंद्र से जुड़ेंगे।
कहा, शिक्षकों की विधा को और तराशने के लिए हर साल 100 विज्ञान शिक्षकों को आईआईएससी बंगलूरू भेजा जाएगा। वहीं, प्राचार्यों की नेतृत्व क्षमता और मजबूत बनाने के लिए उन्हें आईआईएम भेजा जाएगा, जबकि प्रदेश के 100 टॉपर छात्रों को हर साल भारत भ्रमण पर भेजा जाएगा। हाल ही में पीएम ऊषा के अंतर्गत कुमाऊं विवि को 100 करोड़, दून विवि को 20 करोड़ की स्वीकृति मिली है।
शोध की गुणवत्ता बढ़ाने पर विमर्श
प्रथम राज्य कुलपति सम्मेलन के तीन सत्रों में कुलपतियों व विशेषज्ञों ने विवि में प्रशासनिक सुधार सहित भर्ती और परीक्षा, अकादमिक सत्र को नियमित करने, संस्थाओं का मूल्यांकन व प्रत्यायन सहित राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों को लागू करने व संस्थानों में शोध की गुणवत्ता बढ़ाने पर विमर्श किया।
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सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगोली ने कहा, छात्रों में विश्लेषण और समस्या समाधान की क्षमता का विकास करना जरूरी है। इस मौके पर निदेशक उच्च शिक्षा प्रो. सीडी सूंठा, सचिव व्योमकेश दूबे, अनु सचिव दीपक कुमार, जेपी बैरी, उप निदेशक डॉ. ममता नैथानी, प्रो. आरएस भाकुनी, एचएस नयाल, प्रो. दीपक कुमार पांडेय समेत कई विवि के कुलपति मौजूद रहे।