हाईकोर्ट ने सत्र न्यायाधीश की ओर से पारित आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर रोक लगाते हुए आचार्य बालकृषण और नरेंद्र चंद्र द्विवेदी को नोटिस जारी किया है।
न्यायमूर्ति आलोक सिंह की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। सीबीआई ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उसने बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृषण और नरेंद्र चंद्र द्विवेदी पर धारा 420, 468, 471 और 120बी और पासपोर्ट अधिनियम के तहत आरोप तय किए थे।
आरोप तय करने को कहा
इस आदेश को आरोपियों ने सत्र न्यायलय में चुनौती दी। सत्र न्यायालय ने मामले को पुन: विचार के लिए निचली अदालत को भेज आरोप तय करने को कहा था।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देहरादून ने 26 अगस्त, 2014 को बालकृष्ण के विरुद्ध पासपोर्ट अधिनियम और 471 आईपीसी में ही आरोप तय किए। इस पर सीबीआई ने 26 अगस्त, 2014 के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा था कि निचली अदालत ने विधि के विपरीत जाकर मात्र दो धाराओं में ही अपराध तय किए हैं जबकि अन्य धाराओं में भी अपराध बनता है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने बालकृषण और नरेंद्र चंद्र द्विवेदी को नोटिस जारी किए हैं।