बेहतर यात्री सुविधा देने का दावा करने वाले देश के सबसे बड़े सरकारी विभाग रेलवे के कर्मचारी खुद असुविधाओं से जूझ रहे हैं।
जानकर हैरत जरूर होगी लेकिन यह सच है कि स्टेशन पर तैनात अधिकारी-कर्मचारियों के पास बैठने के लिए ठीकठाक कुर्सियां तक नहीं हैं। हाल यह है कि उनका ध्यान काम में कम और टूटी कुर्सी से कहीं गिर न जाएं, इस पर ज्यादा रहता है।
कुर्सी का हत्था गायब
ए-वन श्रेणी के रुड़की रेलवे स्टेशन में सीआरएस, सीबीएस, सीपीएस, सीआईटी, आईओडब्ल्यू, एचआई और आरपीएफ समेत कई विभागों के कार्यालय हैं।
स्टेशन अधीक्षक कार्यालय को छोड़ दें, तो अन्य विभाग के कर्मियों के पास बैठने और काम करने के लिए ठीकठाक कुर्सी-मेज तक नहीं हैं। किसी कुर्सी का हत्था गायब है, तो किसी का पांव टेढ़ा है।
कई कुर्सियों में तो कीलें निकली हुई हैं। आरक्षण और टिकट बुकिंग पर तैनात कर्मी सबसे ज्यादा परेशान हैं। कर्मचारियों के अनुसार, काम के दौरान उनकी कुर्सियां डगमगाती रहती हैं। ऐसे में काम तो प्रभावित होता ही है साथ ही गिरने का खतरा भी बना रहता है।
एक ही कुर्सी
वहीं, सीआईटी कार्यालय में सात कर्मियों की तैनाती है, लेकिन कार्यालय में महज तीन कुर्सियां हैं। बताया गया कि मौजूदा फर्नीचर भी जुगाड़ करके लाया गया है।
चीफ पार्सल सुपरवाइजर कार्यालय में तो सिर्फ एक ही कुर्सी है। बाकी सब कार्यालयों की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। अधिकारियों का कहना है कि कई बार फर्नीचर की डिमांड की जा चुकी है, लेकिन अब तक कुछ भी नहीं मिला।
इनकी भी सुनिए
टूटे फर्नीचर की मरम्मत कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर नया फर्नीचर उपलब्ध कराया जाएगा।
- केएस गुंज्याल, स्टेशन अधीक्षक