दून महिला चिकित्सालय में बर्न रोगी का प्रसव कराने के बाद डॉक्टरों की टीम ने प्लास्टिक सर्जरी की।
बर्न रोगी छह साल की उम्र में पचास फीसदी जली थी। उसकी छाती से लेकर कमर तक का हिस्सा जल गया था। त्वचा जगह-जगह सिकुड़ी थी। प्लास्टिक सर्जन ने त्वचा प्रत्यारोपण करके नए सिरे से रोगी का पेट और आसपास का हिस्सा बनाया। दून महिला चिकित्सालय में अपनी तरह की यह पहली सर्जरी है।
चार घंटे में सर्जरी पूरी की
भगत सिंह कॉलोनी तरला डोईवाला के रहने वाले गुलाब सिंह की पत्नी मधु (24) को 24 सितंबर को रात ग्यारह बजे अस्पताल में भर्ती किया गया था। 25 सितंबर को उसकी सर्जरी हुई। वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मीनाक्षी जोशी, कोरोनेशन की प्लास्टिक सर्जन डा मधुबरी वातुल्य की अगुवाई में डॉक्टरों की टीम ने चार घंटे में यह सर्जरी पूरी की।
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बाद में डॉक्टरों ने बताया कि पेट की त्वचा जल जाने से उस जगह का विकास रुक गया था। बड़ी मुश्किल थी कि चीरा कहां लगाया जाए। सर्जरी के बाद पेट के जले हिस्से में गैप हो गया। वहां जांघ के पास की त्वचा प्रत्यारोपित की गई। जननांग को दुबारा बनाया गया। जांघों के पास दोनों पैरों की त्वचा चिपकी हुई थी, उसे अलग किया गया।
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डॉक्टरों ने बताया कि मधु के बच्ची पैदा हुई है। अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि सर्जरी में चालीस हजार का सामान लगा है। इलाज एनआरएचएम के तहत मुफ्त किया गया। अस्पताल में इसके पहले ऐसी सर्जरी नहीं हुई थी।
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