मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि राज्य के किसी भी मंदिर में वर्ग विशेष के लोगों के प्रवेश पर रोक नहीं है। कुछ मंदिरों में वर्ग विशेष के लोगों के प्रवेश पर कथित तौर पर रोक के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने इसे सिरे से खारिज कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लोगों में आपसी सद्भाव की परंपरा रही है। उत्तराखंड में हिंदुओं के सबसे बडे़ धार्मिक आस्था के केंद्रों श्री बदरीनाथ धाम और श्री केदारनाथ धाम में प्रवेश से पहले लोगों की जाति व धर्म के बारे में कोई पूछताछ नहीं की जाती है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर दुख जताया कि कुछ लोग उत्तराखंड में आपसी सद्भाव की महान परंपरा को मजबूती देने के बजाए गलत बातों का प्रचार करते हैं। जिसे कतई जायज नहीं ठहराया जा सकता है।