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भारी पेयजल संकट से जूझ रहे होरावाला की सुध लेने वाला कोई नहीं

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विकासनगर। सुबह छह बजे ग्राम होरावाला की सड़कों पर ग्रामीणों की भीड़ जमा है। हर कोई अपने घर में पानी आया कि नहीं इस बात को लेकर परेशान है। गांव के हर एक चौक चौराहे पर पांच, दस व बीस लोगों के ग्रुप अपने-अपने हिसाब से जल निगम के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों को फोन कर रहे हैं। लेकिन पानी की समस्या का समाधान किसी भी स्तर से होता दिखाई नहीं दे रहा है।
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ग्राम होरावाला के रजौली स्थित एक पीपल के पेड़ के नीचे बने यात्री स्टैंड पर बैठे महक सिंह राणा, सत्यपाल राणा, नागेंद्र सिंह, सुनील बिजल्वाण, पंकज, राजेश नौटियाल, हरि सिंह, पूरण चंद्र भट्ट, मयंक शर्मा, बालेश्वर उनियाल, आदेश नौटियाल पानी की समस्या को लेकर आपस में बात कर रहे थे। उनका कहना है कि पिछले साल आपदा में स्रोत से आने वाली पानी की लाइन को नदी अपने साथ बहाकर ले गई थी। इसके पश्चात कई महीनों तक ग्रामीण कई किलोमीटर दूर व नदी की गहराई में मौजूद स्रोत से पानी ढोते रहे। इसके पश्चात जल निगम ने जल जीवन मिशन के तहत गांव में दो माह पहले पानी की लाइन डाली। लेकिन उसमें नियमित रूप से पानी नहीं आने के कारण ग्रामीणों के सामने संकट की स्थिति है। ग्रामीणों का कहना है कि उनका दिन पानी की समस्या से शुरू होकर पानी की समस्या पर ही खत्म हो जा रहा है। इसके अलावा उनके पास पिछले कई महीनों से कोई काम नहीं है।
बेहद भयावह रूप ले चुकी पानी की समस्या
विकासनगर। होरावाला में पेयजल की समस्या का अनुमान ग्रामीणों की गतिविधियों को देेखकर आसानी से लगाया जा सकता है। गांव में लगभग हर घर के सामने या फिर थोड़ी-थोड़ी दूर पर ग्रामीणों के माध्यम से खोदे गए गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। गड्ढों के बारे में बताते हुए सुमेर चंद शर्मा, सुभाष चंद शर्मा, पूरण भट्ट, पंकज उनियाल, गणेश जोशी, गजेंद्र सिंह रावत कहते हैं कि घरों में पानी नहीं आने के कारण ग्रामीण गांव की पानी की लाइन को स्वयं ही चैक करने का काम करते रहते हैं। हालांकि समस्या के संबंध में बार-बार अधिकारियों को अवगत कराया जाता है। लेकिन जल निगम के अधिकारी लापरवाह बने रहते हैं।
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होरावाला में पेयजल की स्थिति
विकासनगर। होरावाला गांव व उसके मजरे रजौली की पानी की सप्लाई के लिए 50-50 केएल के एक पुराना व एक हाल के दिनों में बनकर तैयार हुआ वाटर टैंक मौजूद हैं। लेकिन नलकूप नहीं होने के कारण वाटर टैंकों में नदी के स्रोत से ही पानी भरा जाता है। इसके अलावा जब एक वाटर टैंक भर जाता है तो उससे ओवर फ्लो होने वाले पानी से दूसरे वाटर टैंक को भरने की व्यवस्था है। ग्रामीणों का कहना है कि स्रोत से आने वाली लाइन के बार-बार चोक होने से एक भी वाटर टैंक नहीं भर पाता है।
जल निगम के अधिकारियों का रवैया गैर जिम्मेदाराना
विकासनगर। पानी के संकट से जूझ रहे ग्रामीणों के मामले में जल निगम के अधिकारियों का रवैया भी गैर जिम्मेदार दिखाई देता है। जल निगम के अधिशासी अभियंता एसके बर्नवाल का सरकारी नंबर 7830600158 बंद रहता है। सहायक अधिकारियों से उनका निजी नंबर लेकर बात की गई तो उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। गांव में पानी की कोई समस्या नहीं है। उधर जल निगम के सहायक अभियंता रविंद्र चौहान ने जरूर ग्रामीणों की समस्या के समाधान का आश्वासन देते हुए कहा कि वह गांव की समस्या का लगातार अवलोकन कर रहे हैं। एक दो दिन के भीतर समस्या का समाधान किया जाएगा।
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