फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: वनाग्नि रोकने के लिए नीति आयोग बनाएगा ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप, उपाध्यक्ष से मिले सांसद अनिल बलूनी

Thu, 13 Jun 2024 07:59 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो , देहरादून

सार

गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष के समक्ष हिमालयी राज्यों के वनों, खासकर उत्तराखंड में बार-बार भीषण आग लगने और उससे पर्यावरण, वन्यजीवों के साथ जान-माल के भारी नुकसान को लेकर चिंता जताई।
विज्ञापन
नीति आयोग के उपाध्यक्ष से मुलाकात करते गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी की पहल पर नीति आयोग उत्तराखंड में वनाग्नि की समस्या से निपटने के लिए अहम कदम उठाने जा रहा है। आयोग ने इसके लिए पर्यावरण और वन, वित्त और गृह मंत्रालयों के साथ मिलकर एक ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप बनाने का फैसला किया है। यह समूह इस विकराल होती समस्या पर एक व्यापक अध्ययन करवाएगा।

इस संबंध में बुधवार को सांसद बलूनी ने नई दिल्ली में नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी से मुलाकात की। बलूनी ने उपाध्यक्ष के समक्ष हिमालयी राज्यों के वनों, खासकर उत्तराखंड में बार-बार भीषण आग लगने और उससे पर्यावरण, वन्यजीवों के साथ जान-माल के भारी नुकसान को लेकर चिंता जताई। सांसद ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में हर साल गर्मी में वनाग्नि की समस्या गंभीर होती है, जंगलों की आग के मामले साल-दर-साल बढ़ रहे हैं। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

दूरगामी नीतियां बनाने की जरूरत

विज्ञापन

बातचीत के क्रम में इस मांग पर जोर दिया गया कि इस समस्या की रोकथाम की योजनाओं में दूरदर्शी व दूरगामी नीतियां बनाने की जरूरत है। साथ ही पर्वतीय राज्यों के लिए बजट में भी अलग से प्रावधान करने की आवश्यकता है ताकि पहाड़ और जंगल का संतुलन बनाए रखने के लिए बड़े कदम उठाए जा सकें।

ये भी पढ़ें...Uttarakhand: अब प्रदेश में भूजल का अंधाधुंध दोहन रोकेगी सरकार, बनेंगे नियम, विभाग ने तैयार किया ड्राफ्ट
विज्ञापन
विज्ञापन


नीति आयोग उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने आश्वस्त किया कि पर्वतीय प्रदेशों में जंगल में आग लगने से बचाव के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा। साथ ही दूरगामी नीतियां और योजनाएं बनाई जाएंगी, ताकि ऐसी घटनाओं की रोकथाम की जा सके और बड़ी होती समस्या से बेहतर ढंग से निपटा जा सके।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें