मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार से अनुरोध किया कि सीमित संसाधनों वाले उत्तराखंड राज्य को जीएसटी की प्रतिपूर्ति (मुआवजा) बरकरार रखा जाए। जून 2022 में प्रतिपूर्ति की अवधि खत्म हो रही है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय योजनाओं के मानकों में फ्लोटिंग आबादी को शामिल करने की भी वकालत की।
उत्तराखंड के तीन दिवसीय दौरे पर आए नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार के समक्ष मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विकास से जुड़े कई मुद्दों को उठाया। शुक्रवार को सचिवालय में नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 नवंबर को उत्तराखंड राज्य स्थापना के 21 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने लक्ष्य दिया कि जब उत्तराखंड 25 वर्ष का होगा तो आदर्श विकसित राज्य हो।
केंद्र व राज्य सरकार मिलकर उत्तराखंड के तेजी से विकास के लिए काम कर रही हैं। सतत विकास और अंत्योदय सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जब तक समाज में अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ नहीं पहुंचता है, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे। लोगों को विकास योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ आसानी से मिले, इसके लिए सरलीकरण पर फोकस किया गया है। उद्योगों में सिंगल विंडो सहित तमाम प्रक्रियाओं को सरल किया गया है।
बैठक में राज्य सरकार की ओर से नीति आयोग के समक्ष राज्य के विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस अवसर पर नीति आयोग की वरिष्ठ सलाहकार डॉ. नीलम पटेल, अनुराग गोयल, नीति आयोग उपाध्यक्ष के निजी सचिव रवींद्र प्रताप सिंह, सलाहकार अविनाश मिश्रा, डा. प्रेम सिंह, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, मनीषा पंवार, आनंद बर्द्धन, सचिव नियोजन डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम आदि मौजूद थे।
सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए अधिक बजट मिले
मुख्यमंत्री ने नीति आयोग से सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए उत्तराखंड को अधिक धनराशि आवंटित करने की मांग रखी है। चीन और नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमाएं जुड़ी होने से उत्तराखंड की सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थिति है। जिससे सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए राज्य को ज्यादा धन की आवश्यकता है।
जीएसटी प्रतिपूर्ति बरकरार रखी जाए
अगले साल जून 2022 में जीएसटी प्रतिपूर्ति समाप्त हो रही है। इससे राज्य के लिए वित्तीय समस्या खड़ी हो जाएगी। जीएसटी प्रतिपूर्ति करने की व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री ने राज्य के कुमाऊं क्षेत्र में एम्स की स्थापना करने के साथ ही लखवाड़ व्यासी परियोजना, जमरानी बहुद्देशीय परियोजना, सौंग बांध समेत अन्य प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी दिलाने के लिए आयोग से सहयोग का आग्रह किया।