श्रीनगर में एनआईटी की शुरुआत 2009 में हुई थी। कुछ साल बाद ही छात्र मांग करने लगे थे कि कैंपस को मैदानी इलाके या किसी दूसरे राज्य में शिफ्ट किया जाए। श्रीनगर में जिस भवन में इसे संचालित किया जा रहा है, वहां स्थिति ठीक नहीं है।
वर्ष 2018 में बात इतनी बिगड़ी की दीपावली की छुट्टी से पहले छात्र कैंपस न होने की वजह से बगैर बताए छुट्टी पर चले गए थे। बाद में श्रीनगर से सैटेलाइट कैंपस जयपुर शिफ्ट करना पड़ा था। वहीं कैंपस की शिफ्टिंग रोकने के लिए जनता भी सड़क पर उतर गई थी।
अफवाह फैलाने वालों के मुंह पर तमाचा है सुमाड़ी में एनआईटी बनना: डा. धन सिंह
उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह ने कहा कि सुमाड़ी में एनआईटी का बनना अफवाह फैलाने वालों के मुंह पर तमाचा है। एक बार बच्चे यहां से पलायन कर गए थे। वहीं यह बात भी आ रही थी कि इसके लिए जमीन ठीक नही है, लेकिन अब विधिवत रूप से सब ठीक हो चुका है।
सुमाड़ी में इसका बनना पहाड़ के लिए बड़ा फैसला है। केंद्र सरकार से इसके लिए पैसा स्वीकृत हो चुका है। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि एनआईटी के बारे में वह शुरू से यह कहते आ रहे थे कि एनआईटी कही जाने वाली नही है।