तीर्थयात्रियों के लिए उत्तराखंड के चारों धाम अब और नजदीक आने वाले हैं। राज्य सरकार ने सुगम, सुरक्षित और वैकल्पिक सड़क मार्ग का खाका तैयार किया है जिससे इनकी आधी से ज्यादा दूरी घट जाएगी।
इसकी परियोजना रपट भी तैयार कर ली गई है। वर्तमान मार्गों से चार धाम की कुल यात्रा 813 किलोमीटर की है। जबकि प्रस्तावित मार्ग से यह दूरी सिमट कर 389.6 किलोमीटर रह जाएगी। नए मार्ग में लंबी सुरंगें व पुल बनेंगे, जिससे खराब मौसम में भी यात्रा प्रभावित नहीं होगी।
सभी धाम एक मार्ग से जुड़ जाएंगे। नया मार्ग सीमावर्ती इलाकों को भी जोड़ेगा। प्रदेश सरकार की पहल पर राज्य योजना आयोग से जुड़े अधिकारियों ने इस परियोजना की रपट भी तैयार करा ली है।
आयोग से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक इस पर करीब आठ हजार करोड़ की लागत आएगी। इसके लिए देश और विदेश के कुछ विशेष सुरंग मार्गों का भी अध्ययन किया गया है।
शीतकालीन चार धाम भी आएंगे पास
चार धामों की यात्रा मार्ग के कम होने के साथ जोशीमठ, गोपेश्वर, ऊखीमठ, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, बड़कोट की दूरी भी कम हो जाएगी। यात्रियों को करीब 423.4 किलोमीटर की अनावश्यक यात्रा से राहत मिलेगी।
वर्तमान चार धाम मार्गों से होकर प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। इन्हीं मार्गों से होकर सेना सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचती है। इस मार्ग के साथ हेमकुंड साहिब, सीमावर्ती नीती-माणा आदि आबादी वाले क्षेत्र घाटी में या नदी के किनारे हैं।
कुछ इलाकों में हर साल बाढ़ और भूस्खलन से मार्ग प्रभावित रहता है। नए मार्ग के लिए तैयार रपट में इसका भी हवाला दिया गया है कि हर साल इनकी मरम्मत पर करोड़ों रुपए खर्च होते हैं। धन के साथ जन हानि भी होती है।
वर्तमान और प्रस्तावित मार्ग की तुलना
कहां से कहां तक - वर्तमान मार्ग - प्रस्तावित मार्ग - अंतर
यमुनोत्री से गंगोत्री - 212 किमी - 122.5 किमी - 89.5
गंगोत्री से केदारनाथ - 369 किमी - 151.5 किमी - 217.5
केदारनाथ से बदरीनाथ - 232 किमी - 115.6 किमी - 116.4