किसी ने एक नवजात बच्ची को बिंदाल नदी के किनारे फेंक दिया। वहां जानवरों ने बच्ची को नोच डाला और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसके शरीर पर गहरे घाव थे। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
इधर, बच्ची को यहां किसने फेंका इस बात का पता नहीं चल सका है। हालांकि, लोगों में इस बात को लेकर खासी चर्चा है कि किसी ने बेटी को बोझ समझकर ही उसे यहां फेंक दिया। इस मामले में दो थानों की पुलिस कार्रवाई करने के बजाय सीमा विवाद में उलझी रही।
लोगों ने बच्ची को कीचड़ से निकाला
मामला रविवार तड़के करीब पांच बजे का है। बिंदाल नदी के पास टहल रहे कुछ लोगों ने वहां एक बच्चे की रोने की आवाज सुनी तो वे ढूंढते हुए वहां पहुंच गए। कुछ ही देर बाद वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई।
सूचना पर क्षेत्रीय पार्षद विशाल कुमार भी मौके पर पहुंचे। लोगों ने बच्ची को कीचड़ से निकाला और साफ सफाई कर तत्काल दून महिला अस्पताल पहुंचाया। बच्ची का वहां कुछ देर निकू वार्ड में इलाज चला और फिर उसे वेंटीलेटर पर रख दिया गया। बच्ची के पास दो चिकित्सकों और अन्य स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई थी।
दोपहर करीब डेढ़ बजे उसने दम तोड़ दिया
हालांकि, चिकित्सकों की मेहनत भी काम नहीं आई और दोपहर करीब डेढ़ बजे उसने दम तोड़ दिया। दून अस्पताल के सीएमएस डा. केके टम्टा ने बताया कि बच्ची के शरीर पर गहरे घाव थे। प्रथमदृष्टया ये घाव जानवरों के नोंचने के लग रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि बच्ची रात में नदी किनारे फेंकी गई और उसे कुत्तों या अन्य किसी जंगली जानवर ने नोंचा है।
फिलहाल शिनाख्त के लिए बच्ची के शव 72 घंटे तक मोर्चरी में रखवाया गया है। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इधर, कैंट और शहर कोतवाली की पुलिस इस मामले को एक दूसरे के क्षेत्र का बताती रही। खबर लिखे जाने तक पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की थी।