आनन्दिनी और विद्या सेतु किताब दी गई
यह चूक आनन्दिनी में हुई है, जबकि विद्या सेतु में कोई संदेश ही नहीं छपा है। राजकीय इंटर कालेज बुल्लावाला विकासखंड डोईवाला के प्रवक्ता सुरेश चंद शर्मा के मुताबिक उन्हें प्रशिक्षण लेने के बाद तीन दिन पहले आनन्दिनी और विद्या सेतु किताब दी गई है। कहा गया है कि मुफ्त पाठ्य पुस्तकें न मिलने तक इन किताबों से बच्चों को पढ़ाया जाना है। प्रशिक्षण में शामिल सभी शिक्षकों को यही किताबें उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं, स्कूल के प्रधानाचार्य इम्दादुल्ला अंसारी का कहना है कि इस मामले को दिखवाया जाएगा।
आनन्दिनी हर साल के लिए छापी जाती है, इस साल आठवीं कक्षा के लिए इसे छपना है, एससीईआरटी इसका पाठ्यक्रम तैयार करता है, जबकि डायट इसे छपवाते हैं। स्कूलों को जो किताब दी गई है वह पिछले वर्ष की हो सकती है। - राकेश चंद्र जुगरान, प्राचार्य डायट देहरादून
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कुछ जिलों से ही इन किताबों को छपवाया गया है, मामले को दिखवाया जाएगा। अगर वास्तव में ऐसा है तो किताबों को संशोधित करवाकर ठीक कराया जाएगा। - सीमा जौनसारी, शिक्षा निदेशक