नेपाल में आक्रोश और तख्तापलट ने दून के एक परिवार की चिंता भी बढ़ा दी है। करीब 15 दिन पहले दून से युवक के माता-पिता पेंशन के काम से नेपाल गए थे। लेकिन वह वहीं फंस गए। सरकार विरोधी हिंसक आंदोलन की खबर मिली तो दून में बेटा और परिवार भी चिंता में आ गए। इसके बाद से उन्होंने फोन मिलाया तो बात नहीं हो सकी। अब बुधवार को बेटे की माता-पिता से नेपाल बात हुई तो उन्होंने राहत की सांस ली।
दरअसल, नेपाल निवासी सोनू 2016 में ही देहरादून में काम के सिलसिले में परिवार के साथ रहने आए थे। वह दून के डाकरा में रह रहे है। 15 दिन पहले ही उनकी माता केसरी और पिता प्रेम बहादुर पेंशन नवीनीकरण के सिलसिले मेंं नेपाल गए थे। सोनू ने बताया कि उनके माता-पिता नेपाल में रिश्तेदारों के यहां रह रहे हैं। पेंशन नवीनीकरण के बाद उन्हें वापस दून लौटना था। मंगलवार को नेपाल में हिंसक आंदोलन की खबरें आईं तो उन्हें माता-पिता की चिंता होने लगी। उन्होंने तुरंत नेपाल में फोन मिलाया लेकिन ना तो उनके माता-पिता का फोन लगा ना ही उनके रिश्तेदारों का। इसके बाद उन्हें और चिंता होने लगी। इसके बाद से ही उनके माता-पिता की बात नहीं हुई।