नेपाल ने सीमाओं पर 2018 तक मात्र 87 बीओपी स्थापित किए थे लेकिन पिछले दो वर्ष के भीतर दोगुने बीओपी स्थापित किए जा चुके हैं। इससे पूर्व नेपाल ने पश्चिम सीमा क्षेत्र में एक भी बीओपी स्थापित नहीं की थी। भारत के लिम्पियाधुरा, कालापानी और लिपुलेख क्षेत्र को अपने नक्शे में शामिल करने के बाद सीमा क्षेत्र में अतिरिक्त बीओपी स्थापित की गईं हैं।
पश्चिमांचल से दार्चुला तक बीओपी स्थापित
नेपाल ने पश्चिमांचल क्षेत्र कंचनपुर से लेकर दार्चुला तक बीओपी स्थापित कीं हैं। दार्चुला में चार बीओपी, एक गुल्म (यूनिट) स्थापित की है, जिसमें छांगरु बीओपी को अपग्रेड कर गुल्म में तब्दील किया गया। लाली, दुमलिंग, जौलजीबी और दत्तू में बीओपी स्थापित की गई है। मार्च से अप्रैल तक दार्चुला में एक भी बीओपी नहीं थी। सूत्रों के अनुसार तिंकर, माथिल्ला, तल्ला कौवा क्षेत्र में भी बीओपी स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। डडेलधुरा और बैतड़ी जिलों में बीओपी स्थापित हो चुकीं हैं, जबकि लॉकडाउन से पहले यहां एक भी बीओपी नहीं थी।
नेपाल ने भारत से लगे सीमा क्षेत्र के अलावा चीन सीमा में भी सुरक्षा पोस्ट बनाए हैं। पूर्व में सिंधुपल चौक के तातोपानी के अलावा कहीं भी बीओपी नहीं थी। अब ताप्लेजुंग, ओलांगचुड़गोला, संकुवासभा के किमाथांका, दोलखा, लमाबगड़, रसुवा, टिमुरे, मुस्तांग के नेचुंग, हुम्ला के हिलसा में बीओपी स्थापित कर दी है।
आधुनिक हथियारों से लैस होगी बीओपी
बीओपी सशस्त्र बल में सैनिकों की वृद्धि कर सशक्त बनाने के लिए आधुनिक हथियारों से लैस करने की तैयारी की जा रही है। दुर्गम स्थानों पर स्थापित की गई बीओपी के लिए राशन, हथियारों को ले जाने और लाने के लिए हेलीकॉप्टर की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
प्रदेश बीओपी
प्रदेश 1 38
प्रदेश 2 56
बागमती 08
गंडकी 02
लुम्बिनी 33
कर्णाली 01
सुदूरपश्चिम 37